ईरान संकट शुरू होने के बाद से ही सरकार मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए जुट गई थी। सरकार ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र से 20,000 भारतीय नागरिक भारत लौट चुके हैं। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीयों को दूतावास को सूचित किए बिना ईरान की जमीनी सीमा पार न करने की सलाह दी गई है। यह सलाह सोमवार को भारतीय दूतावास ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर दी है.
भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
दूतावास ने कहा, ‘हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें’. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. यह सलाह सोमवार को भारतीय दूतावास ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर दी है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक बिना पहले से स्पष्ट और आधिकारिक समन्वय किए किसी भी जमीनी सीमा के पास न जाएं और न ही उसे पार करने की कोशिश करें.
एडवाइजरी में कहा गया है कि जो लोग दूतावास की जानकारी और मार्गदर्शन के बिना जमीनी सीमा से ईरान छोड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना पूर्व संपर्क के ईरान की सीमा से बाहर चला जाता है तो उस स्थिति में दूतावास उसके लिए सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा.
दूतावास ने यात्रा से जुड़े सवालों या आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. ये नंबर हैं: +98 912 810 9115, +98 912 810 9102, +98 9128109109 और +98 993 217 9359. इसके अलावा ईमेल cons.tehrant@mea.gov.in
पर भी संपर्क किया जा सकता है.
यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है जब हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए हैं. 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े स्तर पर संयुक्त हमला शुरू किया था. इसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई के कारण यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र तक फैल गया है.
दूतावास ने भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे उसकी सलाह का सख्ती से पालन करें और किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक माध्यमों से संपर्क बनाए रखें. दूतावास ने बताया कि वह ईरान में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के साथ लगातार संपर्क में है. जहां जरूरत पड़ रही है वहां समन्वित व्यवस्था की जा रही है. साथ ही बिना योजना के जमीनी सीमाओं की ओर जाने से सख्त परहेज करने को कहा गया है.



