राज्यसभा की 16 सीटों के लिए मतदान शुरू:राजस्थान से लेकर कर्नाटक तक एक-एक सीट पर फंसेगा पेंच, जानिए क्या है हर राज्य का सियासी गणित

चार राज्यों की 16 राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। इनमें राजस्थान की 4, हरियाणा की 2, महाराष्ट्र की 6 और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। दरअसल, आज राज्यसभा की 57 पर चुनाव होने थे, लेकिन 41 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

16 सीटों के लिए इन राज्यों में पक्ष और विपक्ष में कांटे की टक्कर है। क्रॉस वोटिंग के खतरे को देखते हुए सभी दलों ने अपने-अपने विधायकों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा हुआ था, जिन्हें वापस बुला लिया गया है। वोटिंग के लिए ये विधायक आज बाड़ेबंदी से बाहर आ गए हैं। चुनाव दिलचस्प होने की संभावना है और पूरे देश की नजर भी इनके परिणामों पर रहेगी।

उधर राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने आमेर क्षेत्र में 12 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया है।

राजस्थान की चार राज्यसभा सीटों में से दो कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में जानी तय है। चौथी सीट पर कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के बीच टक्कर है। चूंकि राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत की सरकार है। गहलोत विधायकों पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता हैं। उनकी पहुंच केवल कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों में ही नहीं बल्कि यहां तक कहा जाता है कि जरूरत पड़ने पर वह भाजपा विधायकों को भी तोड़ने का दमखम रखते हैं।

वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सुभाष चंद्रा ने नाराज चल रहे विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। भाजपा की ओर से भी उनकी पूरी मदद की जा रही है।

CM अशोक गहलोत ने क्रॉस वोटिंग की आशंका को भांपते हुए एक-एक विधायक की नाराजगी दूर करने की कोशिश की है। इस सिलसिले में उन्होंने पिछले दिनों ताबड़तोड़ आदेश भी जारी किए।

राजस्थान में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए। कांग्रेस से तीन उम्मीदवार मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी मैदान में हैं। तीनों उम्मीदवारों के लिए 123 विधायकों के वोट जरूरी हैं, जबकि सरकार के पास अभी 126 विधायकों का समर्थन है, जिसमें से 107 कांग्रेस के हैं। जब तक नाराज या निर्दलीय विधायक इधर उधर नहीं जाते, तब तक कांग्रेस की जीत तय है।

आठ निर्दलीय विधायक नाराज माने जा रहे हैं, जिनके खिसकते ही तीसरे प्रत्याशी की हार तय है।

उधर, भाजपा प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी की भी जीत तय है, क्योंकि भाजपा के पास 71 विधायक हैं। 41 वोट मिलते ही तिवाड़ी जीत जाएंगे, जबकि भाजपा के 30 विधायक निर्दलीय सुभाष चंद्रा के लिए वोट करेंगे। चंद्रा को 3 RLP विधायकों का भी समर्थन हासिल है। उन्हें केवल 8 विधायकों की दरकार है। जयपुर में कैंप करके वे विधायकों का समर्थन जुटाने में लगे हैं।

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