Friday, February 20, 2026

नगर पालिकाओं में बनेंगे राजस्व विनियामक आयाेग:नगर पंचायत बनेंगे नगर परिषद, संपत्ति कर पटाने क्रेडिट, डेबिट, नेट बैंकिंग व यूपीआई सुविधा

राज्य सरकार ने तृतीय वित्त आयोग की 58 में से 40 सिफारिशों काे मानने का फैसला किया है। इसके मुताबिक नगर पंचायतों में होने वाली सभाओं की वायस रिकार्डिंग की जाएगी। सरकारी जमीनों को सूचीबद्ध कर बहुमंजिली इमारतें बनाना, नगर पंचायतों का नाम नगर परिषद करना, छत्तीसगढ़ नगरपालिका राजस्व विनियामक आयोग बनाना, निकायों की खाली पड़ी जमीनों के लिए भूमि बैंक बनाने जैसी योजनाएं शामिल हैं।

आयोग के अध्यक्ष सरजियस मिंज ने सचिवों की पहली बैठक लेकर विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी मांगी है। आयोग की अनुशंसाओं को अप्रैल 25 तक पूरा करने का समय तय किया है। सरकार अब तेजी से बढ़ रहे रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, दुर्ग, जगदलपुर, रायगढ़ व अंबिकापुर में बेशकीमती जमीनों का आर्थिक उपयोग करेगी।

इसके लिए बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी, ताकि ऊंची लागत की भूमि का उचित आर्थिक उपयोग हो सके। यहां सस्ती परिवहन सेवाएं भी लोगों को मुहैया कराई जाएगी। सभी शहरों में फ्लोर स्पेस इंडेक्स का प्रयोजन बढ़ाया जाएगा। निकायों में संपत्ति कर पटाने के लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग व यूपीआई एप्प स्वीकार किए जाएंगे। संपत्ति कर के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू होगी ताकि ज्यादा राजस्व जमा हो सके।

आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार सरकार आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दे पेसा क्षेत्र को लेकर वहां की समितियों ग्राम पंचायतों व ग्राम सभाओं के बीच तालमेल कर काम करने का आदेश दिया है। यह पाया गया है कि पंचायतों को दिए जाने वाले अनुसूचित 29 विषयों ज्यादातर विभागों ने हस्तांतरित ही नहीं किया है। कुछ विभागों पहल तो की, लेकिन उनके द्वारा कोष व पदाधिकारियों का हस्तांतरण नहीं किया गया।

इन अनुशंसाओं पर भी होंगे काम

  • विज्ञापन होर्डिंग पर कर लगाना
  • दुकान स्थापना व व्यापार अनुज्ञा शुल्क एक साथ लेना
  • निकायों की क्रेडिट रेटिंग
  • निकायों में लेखापाल
  • जमीनों की लिस्टिंग,आय का लेखाजोखा।
  • संपत्ति कर की 90% वसूली होने पर उस वार्ड को 20-25% तक राशि विकास के लिए देना।
  • राज्य व केंद्र की योजनाओं की सोशल ऑडिट।
  • वार्ड समितियों का गठन होगा।
  • नल-जल योजना के लिए दो साल में एक बार अनुदान
  • 146 जनपद पंचायतों साल में 20-20 लाख रुपए अनुदान।
  • गांव में एक निस्तारी तालाब, तालाब को मछली पालन के लिए पट्टे पर न देना।
  • संस्थाओं, पूजा स्थलों, स्वतंत्रता सेनानियों की छूट को फ्री करना।
  • राज्य के शुद्ध राजस्व का 9 प्रतिशत स्थानीय निकायों को देना।
  • निकायों में लेखा, राजस्व, पर्यावरण इंजीनियरिंग व नगरीय नियोजन संवर्गों का गठन।
  • महिलाओं वाली ग्राम पंचायतों को 50 लाख अनुदान देने पर फैसला लेना।
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