छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में DRG जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की है। धुर नक्सल प्रभावित इलाके में गश्त पर निकले जवानों ने दर्द से तड़प रही एक गर्भवती महिला को खाट के सहारे अस्पताल पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि समय रहते महिला का प्रसव हो गया। महिला ने बेटे को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। मामला जिले के कुआकोंडा थाना इलाके का है।
जानकारी के मुताबिक, रेवाली गांव के पटेल पारा की रहने वाली गर्भवती महिला कूर्म नंदे (35) दर्द से तड़प रही थी। उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए कोई साधन नहीं था। इस नक्सल प्रभावित रेवाली गांव तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क को माओवादियों ने कई जगह से काट दिया है। ऐसे में इस गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही थी।
इस बीच गांव में दंतेवाड़ा के DRG जवान गश्त करते हुए पहुंचे। उनकी नजर एक घर के बाहर खाट पर लेटी एक गर्भवती महिला पर पड़ी जो दर्द से तड़प रही थी। जवानों ने बिना देर किए खाट को कंधे पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्यमार्ग तक लेकर आए। जहां पुलिस की गश्त वाहन में महिला को बिठाया, जिसके बाद महिला को पालनार के अस्पताल लाया गया।


