चिंतन मनन

*बुढ़ापे में इन्हें छोड़ दीजिए**
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एक दो बार समझाने से यदि कोई नही समझ रहा है तो सामने वाले को समझाना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए 🙏🏼

बच्चे बड़े होने पर वो ख़ुद के निर्णय लेने लगे तो उनके पीछे लगना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

गिने चुने लोगों से अपने विचार मिलते हैं, यदि एक दो से नहीं मिलते तो उन्हें,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

एक उम्र के बाद कोई आपको न पूछे या कोई पीठ पीछे आपके बारे में गलत कह रहा है तो दिल पर लेना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

अपने हाथ कुछ नहीं, ये अनुभव आने पर भविष्य की चिंता करना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

यदि इच्छा और क्षमता में बहुत फर्क पड़ रहा है तो खुद से अपेक्षा करना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

हर किसी का पद, कद,
मद, सब अलग है इसलिए तुलना करना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

बढ़ती उम्र में जीवन का आनंद लीजिए, रोज जमा खर्च की चिंता करना,
🙏🏼 छोड़ दीजिए। 🙏🏼

उम्मीदें होंगी तो सदमे भी बहुत होंगे, यदि सुकून से रहना है तो उम्मीदें करना,
🙏 छोड दीजिए। 🙏

मैसेज अच्छा लगे तो ठीक, न लगे तो फारवर्ड करने का विचार,
🙏छोड़ दीजिये।🙏🏻

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