कोरबा । कोविड काल में एसईसीएल समेत कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में कोयला उत्पादन के भारी गिरावट हुई। कोयला मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत जवाब के मुताबिक एसईसीएल समेत कोल इंडिया की सहायक कोयला कंपनियों में पिछले तीन साल में कोयला उत्पादन की स्थिति में निरंतर गिरावट नजर आई। वैसे कोयला मंत्री के मुताबिक कोयला उत्पादन में भविष्य में तेजी से वृद्धि होगी और इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं।
एसईसीएल ने गत वर्ष 150 मिलियन टन प्लस कोयला उत्पादन किया था। इस वित्तीय वर्ष इससे कम उत्पादन की संभावना बनी हुई है।देश में प्राइम कोकिंग कोल की कम उपलब्धता के बावजूद कोयला आयात में कुछ वर्षो में कमी हुई है। केंद्र सरकार की नई नीति का प्रभाव है। भविष्य में कोयला उत्पादन में वृद्धि होगी। मिशन वन बिलियन टन कोल इंडिया का लक्ष्य है, तो कमर्शियल माइनिंग कैप्टिव पावर प्लांट सहित अन्य स्रोतों से 1.2 बिलियन टन का लक्ष्य 2024 तक निर्धारित है। ओवरआल कोयले की मांग देश में कोयले की घरेलू आपूर्ति के मौजूदा स्तर से अधिक है। कोयले की मांग और घरेलू आपूर्ति के बीच की खाई को पूरी तरह से पाटना संभव नहीं है, क्योंकि देश में प्राइम कोकिंग कोयला की अपर्याप्त उपलब्धता और भंडार है। इसके अलावा, आयातित कोयले और सम्मिश्रण उद्देश्यों के लिए आवश्यक उच्च ग्रेड कोयले पर डिजाइन किए गए बिजली संयंत्रों द्वारा आयातित कोयले को भी देश में आयात किया जाता है।
कोरोना काल में घटता गया एसईसीएल का उत्पादन, इस वर्ष भी बीते साल से कम उत्पादन की संभावना
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