छत्तीसगढ़ में सरकार बनाएंगी महिलाएं:50 सीटों पर पुरुषों से ज्यादा की वोटिंग; बोलीं- चुनावी वादों का असर, लेकिन अपराध, महंगाई से चाहिए निजात

छत्तीसगढ़ में जीत किसी की भी हो, सरकार बनाने का श्रेय महिलाओं को जाएगा। प्रदेश के लगभग हर जिले में सबसे ज्यादा औरतों ने घर से निकलकर वोट किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इस चुनाव में 50 सीटों पर पुरुषों से अधिक महिलाओं ने मतदान किया है।

दैनिक भास्कर ने अलग-अलग वर्गों की महिलाओं से बात की। महिलाओं ने भाजपा-कांग्रेस के चुनावी वादों को सुना। वोटिंग बढ़ने के पीछे वो इसका असर मानती हैं। हालांकि वो कहती हैं कि अपराध, रोजगार, महंगाई, आर्थिक मामलों में जो हालत पिछले कुछ सालों में प्रदेश में बने, उनमें बदलाव की आस लेकर वोट किया है।

वोट देने की पीछे महिलाओं को उम्मीद हैं कि आने वाली सरकार कुछ बेहतर करें। (फोटो: शिवानंद नगर)
वोट देने की पीछे महिलाओं को उम्मीद हैं कि आने वाली सरकार कुछ बेहतर करें। (फोटो: शिवानंद नगर)

एक तथ्य यह भी है कि प्रदेश में इस विधानसभा चुनाव में फीमेल वोटर्स की संख्या बढ़ी है। प्रदेशभर के आंकड़ों को देखें तो पुरुषों की तुलना में 1 लाख 9 हजार 370 महिला वोटर अधिक हैं। खास बात यह है कि भूपेश बघेल और रमन सिंह सरीखे नेताओं के इलाकों में भी महिला वोटर्स अधिक हैं।

इन सीटों में पर महिलाओं ने अधिक मतदान किया

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भरतपुर-सोनहत, प्रतापपुर, रामानुजगंज, सामरी, लुण्ड्रा, अंबिकापुर, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, लैलूंगा, सारंगढ़, खरसिया, धर्मजयगढ़, रामपुर, पालीतानाखार, जैजैपुर, मरवाही, सरायपाली, बसना, खल्लारी, महासमुंद, बिलाईगढ, राजिम, बिंद्रानवागढ़, सिहावा, डोंडीलोहारा, गुंडरदेही, संजारी-बालोद, धमतरी, दुर्ग शहर, पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, मोहलामानपुर, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकोट,दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों में आकर वोट डालने वाले महिला मतदाताओं की संख्या वोट डालने वाले पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है।

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