पश्चिम बंगाल के हुगली में रविवार को दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। रिशरा इलाके में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई। इसके बाद वाहनों में आग लगा दी गई। पुलिस ने हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
पथराव के दौरान भाजपा के विधायक बिमान घोष घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा-आगजनी में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हुगली हिंसा में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर पत्थर फेंके गए। हावड़ा में हिंसा के बाद भी राज्य सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया।
हावड़ा के शिबपुर में अब माहौल शांत, कुछ इलाकों में धारा 144
पश्चिम बंगाल के हावड़ा और उत्तरी दिनाजपुर जिले में गुरुवार को शोभायात्रा के दौरान हिंसक झड़प हुई थी। शुक्रवार को एक बार फिर शिबपुर में पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस मामले में पुलिस ने 38 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो मामले दर्ज किए गए हैं।
हावड़ा के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हालात अब सामान्य हैं, और लोगों को इस मामले में परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ इलाकों में धारा 144 लागू की गई है और पुलिस इन इलाकों में गश्त लगा रही है। वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट से मामले की NIA जांच कराने की मांग की थी।
ममता बोलीं- जुलूस का मार्ग कैसे बदला?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घटनाओं के लिए सीधे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था। ममता ने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा, ‘वे सांप्रदायिक दंगों के लिए राज्य के बाहर से गुंडे बुलाते रहे हैं। उनके जुलूसों को किसी ने नहीं रोका, लेकिन उन्हें तलवारें और बुलडोजर लेकर मार्च करने का अधिकार नहीं है। हावड़ा में ऐसा करने की उनकी हिम्मत कैसे हुई?’
ममता ने कहा- ‘उन्होंने मार्ग क्यों बदल दिया? विशेष रूप से एक समुदाय को टारगेट करने और हमला करने के लिए अनधिकृत मार्ग क्यों चुना? भाजपा ने हमेशा हावड़ा, पार्क सर्कस और इस्लामपुर को निशाने पर रखा है।’


