सुरक्षा बलों की सख्ती का असर, 12 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले नारायणपुर में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों की लगातार दबिश और रणनीतिक कार्रवाई से कमजोर पड़ रहे नक्सल संगठन को एक और झटका लगा है। जिले में 5 महिला नक्सलियों सहित कुल 12 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।]

मोदी बोले- नया भारत परमाणु धमकी से नहीं डरता:हम घर में घुसकर मारते हैं

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे और क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। ये सभी नक्सली संगठन के जनमिलिशिया, जनताना सरकार और अन्य सक्रिय यूनिट्स से जुड़े हुए थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी आवश्यक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्वरोजगार, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाएं भी दी जाएंगी।

क्यों लौट रहे हैं नक्सली मुख्यधारा में?

  • लगातार सुरक्षा बलों की कार्रवाई से टूट रहा है नक्सल नेटवर्क

  • गांवों में बढ़ रहा जनजागरूकता और विकास कार्यों का असर

  • पुनर्वास नीति और सरकारी योजनाओं से मिल रहा जीवन सुधार का अवसर

  • संगठन के अंदरूनी तनाव, अविश्वास और हिंसा से मोहभंग

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं, क्योंकि अब आदिवासी और युवा वर्ग नक्सल विचारधारा से दूरी बना रहा है।

.

Recent Stories