वित्त वर्ष 2022-23 खत्म होने वाला है और सभी करदाता टैक्स बचाने के लिए 31 मार्च 2023 से पहले निवेश करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल चल रहा है कि कहां निवेश करें, जहां निवेश से शानदार रिटर्न मिल सके और टैक्स देनदारी से भी बचा जा सके
ईएलएसएस या यूलिप में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियां इन योजनाओं में जमा धन को शेयर बाजार में निवेश करती हैं. आपको मिलने वाला रिटर्न शेयर बाजार के रुझान पर निर्भर करेगा। ऐसे में टैक्स बचाने और बेहतर रिटर्न पाने के लिहाज से पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकारी योजना होने के कारण इस पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी सरकार देती है. सरकार वित्त वर्ष की हर तिमाही से पहले पीपीएफ (PPF) पर ब्याज दरें तय करती है. अभी पीपीएफ पर सालाना 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है, लेकिन 2015-16 में PPF पर 8.7 फीसदी ब्याज मिलता था.
इसके बाद PPF की ब्याज दरों में लगातार कटौती की गई है. ब्याज दरों में कटौती का खामियाजा PPF निवेशकों को उठाना पड़ा है. इसके बावजूद निवेशक टैक्स बचाने और बेहतर रिटर्न पाने के लिए PPF पर भरोसा करते हैं. पीपीएफ में स्कीम में निवेश कर आप भी करोड़पति बन सकते हैं. भले ही पीपीएफ में जमा पैसे को शेयर बाजार में निवेश न किया गया हो, बावजूद इसके गारंटीड रिटर्न की यह स्कीम आपको करोड़पति बना सकती है.
निवेश पर भी टैक्स छूट का फायदा
इनकम टैक्स एक्ट के 80C के तहत सालाना 1.50 लाख रुपये के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है. और पीपीएफ में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है. ऐसे में अगर आप पीपीएफ में 1.50 लाख रुपये का निवेश करते हैं तो आप टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं.
लंबी अवधि का निवेश संभव
पीपीएफ खाते में आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं, जो मासिक या तिमाही या सालाना आधार पर किया जा सकता है. पीपीएफ खाते में निवेशक 15 साल तक लगातार निवेश कर सकते हैं.


