President Murmu Ayodhya Visit : विकसित राष्ट्र की नींव है राम मंदिर राष्ट्रपति मुर्मू ने अयोध्या से दिया सामाजिक समरसता का संदेश

  • शिल्पी सम्मान: राष्ट्रपति ने राम मंदिर निर्माण में पसीना बहाने वाले चुनिंदा शिल्पियों को सम्मानित किया।
  • धार्मिक अनुष्ठान: राष्ट्रपति ने गर्भगृह में विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना की।
  • दूसरी यात्रा: महज 18 महीनों के भीतर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दूसरा अयोध्या दौरा है।

President Murmu Ayodhya Visit , अयोध्या — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचीं। उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले शिल्पियों यानी ‘कर्मयोगियों’ को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रण पर पहुंचीं राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में रामभक्तों को संबोधित किया।

Dhurandhar 2 Movie Update : धुरंधर 2 म्यूजिक अपडेट अक्षय खन्ना के बाद अब रणवीर सिंह पर चढ़ा विदेशी धुन का खुमार, वायरल हुआ गाना

समावेशी समाज और विकास का विजन

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत आज एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने राम मंदिर को केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बताया।

  • यंत्र स्थापना: राष्ट्रपति ने मंदिर के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक ‘श्रीराम यंत्र’ को स्थापित किया।
  • शिल्पी संवाद: राष्ट्रपति ने निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनकी मेहनत की सराहना की।
  • ट्रस्ट का आमंत्रण: तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राष्ट्रपति के इस दौरे को ऐतिहासिक बताया।

राष्ट्रपति ने मंदिर निर्माण की बारीकियों को देखा और उन कारीगरों की कला को सराहा जिन्होंने पत्थरों पर अपनी छेनी से रामकथा को उकेरा है। उन्होंने कहा कि इन शिल्पियों का योगदान राष्ट्र निर्माण के समान है।

“हम एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं। राम मंदिर के निर्माण में लगे ये कर्मयोगी हमारे देश के असली शिल्पकार हैं। श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा और विकास के संतुलन की सीख देता है।”
— द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति, भारत

राष्ट्रपति का डेढ़ साल के भीतर दो बार अयोध्या आना इस धाम के बढ़ते वैश्विक और राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है। शिल्पियों का सम्मान कर सरकार ने यह संदेश दिया है कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण में हर श्रमिक का पसीना मायने रखता है।

.

Recent Stories