Petrol Diesel Supply News , रायगढ़ — पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत को लेकर उड़ रही अफवाहों के बीच रायगढ़ जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने रविवार को स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों के बाद प्रशासन अब ‘फुल-थ्रॉटल’ मोड में है ताकि वितरण चेन में कोई बाधा न आए।
मैदान पर स्थिति: सप्लाई चेन में कोई ‘फाउल’ नहीं
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ईंधन संकट की फर्जी खबरें दौड़ रही थीं। कलेक्टर ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि हर पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी पर स्टॉक की नियमित निगरानी की जाए। प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) की कोई जरूरत नहीं है।
आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए जिले के सभी एंट्री पॉइंट्स और डिपो से तालमेल बिठाया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को ‘ऑन-फील्ड’ रहकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आम नागरिकों को लंबी लाइनों में न लगना पड़े।
“जिले में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। नागरिक किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह के झांसे में न आएं। हमने सुचारू वितरण के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
— मयंक चतुर्वेदी, कलेक्टर, रायगढ़
प्रशासन का यह त्वरित स्पष्टीकरण बाजार में स्थिरता लाने के लिए जरूरी था। जब भी इस तरह की अफवाहें फैलती हैं, तो अचानक मांग बढ़ने से कृत्रिम किल्लत पैदा हो जाती है। रायगढ़ कलेक्टर की यह मुस्तैदी जमाखोरों के लिए एक सख्त संदेश है। अगले 48 घंटों में जिला प्रशासन पंपों पर रैंडम चेकिंग बढ़ा सकता है। यदि कोई संचालक स्टॉक होने के बावजूद ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड लगाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द होना तय है। नागरिकों के लिए यह ‘ग्रीन सिग्नल’ है कि वे सामान्य रूप से अपनी जरूरत का ईंधन लें और पैनिक से बचें।


