सालभर इंतजार किए जाने वाल छठ महापर्व का आज अंतिम दिन है। 19 नवंबर को डूबते सूर्य को व 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जा चुका है। देशभर में राज्य सरकारों द्वारा छठ के त्योहार को लेकर खास तैयारियां की गई थीं। कहीं लोगों ने अपने छतों के ऊपर टैंक में खड़े होकर छठ का त्योहार मनाया। वहीं कुछ लोगों ने नदियों व तालाबों में खड़े होकर छठ का त्योहारा मनाया। दिल्ली सरकार द्वारा इस बाबत खास तैयारियां की गई थीं और 1000 स्थानों पर छठ पूजा की व्यवस्था की गई थी। इस बीच एक तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में यमुना नदी में खड़े होकर कुछ महिलाएं छठ का त्योहार मना रही हैं।
यमुना के गंदे पानी में छठ पूजा
दरअसल न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर की गई तस्वीर में साफ दिख रहा है कि महिलाएं यमुना नदी के गंदे झाग वाले पानी में घुटनेभर तक डूबकर खड़ी हैं। साथ ही इस पानी से उन्होंने स्नान भी किया है। यमुना नदी के पानी को देखकर साफ पता चलता है कि यह कितना प्रदूषित और जहरीला है। कालिंदी कुंज में आयोजित छठ पूजा के दौरान की यह तस्वीरें हैं। बता दें कि झाक वाले जहरीले पानी में भारी मात्रा में फॉस्फेट मिला हुआ है। बता दें कि इस कारण लोगों को सांस लेने और स्किन संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। बता दें कि 36 घंटे तक व्रत रखने वाले इस त्योहार में यमुना के गंदे पानी में अर्घ्य बीमारियों का कारण न बन जाए।
#WATCH | Drone visuals from Delhi's Kalindi Kunj as devotees offer 'Araghya' to the rising Sun as part of #ChhathPooja
(Video shot at 6.55 am) pic.twitter.com/iYD3nDeZ74
— ANI (@ANI) November 20, 2023
दिल्ली सरकार की व्यवस्था
बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली के 1000 स्थानों पर छठ पूजा के लिए खास व्यवस्था भी की गई थी। हालांकि यमुना नदी का पानी पिछले साल भी ऐसा ही था, जब छठ पूजा के दौरान लोगों को झाग वाले गंदे व जहरीले पानी में खड़े होकर पूजा करना पड़ा। बता दें कि छठ पूजा का त्योहार आज खत्म हो गया है। इस त्योहार को लेकर देशभर से लोगों ने एक दूसरे को बधाईयां दी। इस बाबत दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने कहा था कि साल 2015 से अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा छठ पूजा के लिए खास व्यवस्था की जा रही है ताकि यूपी व बिहार के लोग दिल्ली को अपना घर समझे।


