भाजपा और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने 18 जुलाई को दिल्ली में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की बैठक बुलाई है। इसमें कुछ नई पार्टियों के शामिल होने की चर्चा है।
भाजपा का फोकस महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब के उन नेताओं और पार्टियों पर है, जो पिछले कुछ साल में NDA का साथ छोड़कर चले गए थे।
महाराष्ट्र में NCP (अजित पवार गुट), शिवसेना (शिंदे गुट) को NDA में जगह दी जाएगी। उत्तर प्रदेश से ओम प्रकाश राजभर की सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी को भी NDA में लाने की चर्चा है।
बिहार में जीतनराम मांझी की HAM, चिराग पासवान की LJP (रामविलास), मुकेश सहनी की VIP और उपेंद्र कुशवाहा की RLSP को भी इस बैठक में बुलाया गया है।
पंजाब से अकाली दल (बादल) और आंध्र प्रदेश से पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के भी इसमें आने की संभावना है।
NDA की मीटिंग बुलाने की वजह क्या है…
- चिराग पासवान पिता रामविलास के एकमात्र उत्तराधिकारी के तौर पर शामिल होंगे। BJP चिराग के जरिए लोकसभा चुनाव में बिहार के 4.5% दुसाध और पासवानों को साधने की कोशिश करेगी।
- BJP उम्मीद कर रही है कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी के जुड़ने से महादलितों का वोट उनके पाले में आ सकता है।
- विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश साहनी के आने से नाविकों, मछुआरों और किसानों के वोट BJP के पक्ष में हो सकते हैं।
- पूर्व सहयोगी रहे तेलुगु देशम पार्टी और शिरोमणि अकाली दल से भी BJP की बातचीत चल रही है। सोच यही है कि NDA के विस्तार से पार्टी की छवि में सुधार हो।


