NTPC की लापरवाही से 20 गांवों में राख की आंधी:हवा से राखड़ डैम से उड़ता है गुबार; घर-घर में दमा-सांस के मरीज

बिलासपुर से महज 15 किलोमीटर दूर स्थापित NTPC देश के कई राज्यों को बिजली देकर रोशन कर रहा है, लेकिन इससे प्रभावित गांव राखड़ का दंश झेल रहे हैं। प्लांट की स्थापना के लिए ग्रामीणों की जमीन ली गई, उन्हें नौकरी और बुनियादी सुविधाएं देने का वादा और दावा किया गया, पर वो पूरी तरह से फेल हो चुका है। धूल और राख के गुबार से पटे इन गांवों में हर कुछ धुंधला है। पिछले दिनों प्लांट के निरीक्षण के लिए आई NGT यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम भी इस पर सवाल खड़े कर चुकी है।

पिछले दिनों NTPC टीम आई तो उसे रुटीन निरीक्षण का नाम दिया। टीम ने इस दौरान सीपत NTPC और उससे जुड़े गांवों का दौरा किया था। इसके बाद दैनिक भास्कर की टीम ने भी राखड़ बांध और उससे प्रभावित गांवों में पहुंच गई। NTPC ने ग्राम रलिया, रांक और उसके आसपास तीन राखड़ डैम बनाए हैं। तीनों डैम राखड़ से पट चुके हैं और ओवरफ्लो हो रहे हैं। इसका दुष्परिणाम ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। यहां राख लेकर जाने वाले भारी वाहनों से ही गुबार उड़ता है। हल्की सी हवा भी चलती है तो डैम से राख उड़कर ग्रामीणों के घर और किचन तक पहुंच जाती है।

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