बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने बिजली चोरी रोकने के लिए अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को बिलासपुर वृत्त के कोटा और खमतराई क्षेत्रों में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने एक साथ दबिश दी। इस सघन जांच अभियान में 38 घरों और संस्थानों में मीटर बायपास कर सीधे लाइन से बिजली चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है।
कोटा और खमतराई में बड़ी छापेमारी
कार्यपालक निदेशक ए.के. के मार्गदर्शन में चली इस कार्रवाई के दौरान कुल 354 कनेक्शनों की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि कई उपभोक्ता हाई-टेक तरीकों से मीटर की रीडिंग रोककर या सीधे केबल डालकर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
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कोटा क्षेत्र: यहाँ 16 लोगों को मीटर बायपास करते रंगे हाथों पकड़ा गया। इन पर लगभग 5 लाख रुपये का आकलन बिल लगाया गया है।
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खमतराई क्षेत्र: यहाँ भी बड़ी संख्या में अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद तत्काल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई।
7 लाख से अधिक का आकलन बिल जारी
बिजली कंपनी ने पकड़े गए सभी 38 उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
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विभाग ने चोरी की गई बिजली के बदले 7 लाख 10 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना और आकलन बिल जारी किया है।
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चोरी के लिए इस्तेमाल किए गए तार, हुकिंग रॉड और अन्य उपकरणों को मौके से जब्त कर लिया गया है।
अधीक्षण अभियंता सुरेश जांगड़े का बयान: “लाइन लॉस कम करने और ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान जारी रहेगा। बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।”


