Saturday, February 21, 2026

Maithili Thakur Bihar Assembly Speech : मैथिली ठाकुर के ‘धृतराष्ट्र’ वाले बयान पर सदन में भारी हंगामा, कार्यवाही बाधित

‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ से शुरुआत: सुरक्षा और शिक्षा पर घेरा

मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन की शुरुआत संस्कृत श्लोक ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ से की। उन्होंने कहा कि यह श्लोक अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक है, जो आज के बिहार की हकीकत है। उन्होंने पुराने दौर (जंगलराज) की याद दिलाते हुए कहा कि कभी प्रदेश में महिलाएं घर से निकलने में डरती थीं।

सदन में दी गई मुख्य दलीलें:

  • महिला सुरक्षा: उन्होंने दावा किया कि आज महिलाएं दरभंगा से पटना तक का सफर रात में भी सुरक्षित तय कर रही हैं।
  • महाभारत का संदर्भ: उन्होंने आरोप लगाया कि पुत्र मोह में डूबे ‘धृतराष्ट्र’ ने बिहार को अंधकार में धकेला और आज के ‘दुर्योधन’ उसी रास्ते पर हैं।
  • शिक्षा बजट: उन्होंने एनडीए सरकार के शिक्षा बजट की सराहना करते हुए इसे राज्य के भविष्य के लिए क्रांतिकारी बताया।

“जब मैं सदन में खड़ी होती हूँ, तो मुझे वे दिन याद आते हैं जब सड़कों पर खौफ का साया था। आज का बिहार बदल चुका है, लेकिन कुछ लोग आज भी परिवारवाद के मोह में धृतराष्ट्र बने बैठे हैं और अपने दुर्योधन को सत्ता सौंपने के लिए राज्य की बलि चढ़ाना चाहते हैं।”

.

Recent Stories