Tuesday, February 10, 2026

32 महीने बाद टूटी जिंदगी की डोर: सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता कुकी युवती ने तोड़ा दम, मणिपुर में मातम

इम्फाल/गुवाहाटी: मणिपुर में मई 2023 की जातीय हिंसा के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई कुकी समुदाय की एक युवती ने 32 महीनों की जिंदगी की जंग हार गई। परिवार और समुदाय के अनुसार, उस भयावह घटना के बाद युवती कभी मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह उबर नहीं पाई।

परिवार ने बताया कि दुष्कर्म और किडनैपिंग के दौरान उसे गंभीर चोटें लगी थीं, और इसके बाद लगातार मानसिक तनाव और पीड़ा में जीवन यापन करना पड़ा। इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

कुकी समुदाय के संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने जानकारी दी कि युवती को बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी ले जाया गया था, लेकिन 10 जनवरी 2026 को उसने अंतिम सांस ली।

आईटीएलएफ और समुदाय ने इस घटना पर गहरी चिंता और शोक व्यक्त किया और सरकार से सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जातीय हिंसा में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों का शिकार बनना मानसिक स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, जैसा इस दुखद मामले में देखा गया।

मणिपुर में हिंसा और इसके पीड़ितों के सुरक्षा उपायों को लेकर अब नई बहस शुरू हो गई है, और कई मानवाधिकार संगठन सरकार से सख्त कार्रवाई और पीड़ितों की सुरक्षा की अपील कर रहे हैं।

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