कोरबा। अवैध कबाड़ का संचालन करते हुए जिले के सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, लोहे के सरकारी पुल को काट कर बेचने और छिपाने के मामले सहित अन्य अवैध कबाड़ की खरीदी व बिक्री करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन , निगम प्रशासन व पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई चल रही है। इस कार्रवाई से जहां अवैध कबाड़ियों में खलबली मची है वहीं उनके अवैध निर्मित संपत्ति को जमींदोज किया जा रहा है। इस कड़ी में राताखार वार्ड में भी कार्रवाई की गई। यहां एक कबाड़ी के अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। ज्ञात हुआ है कि उसने अपना मकान भी अवैध रूप से बेजा कब्जा में निर्माण किया है। इस संबंध में संबंधितों को पूर्व में सूचना/नोटिस दी जा चुकी थी किंतु आवास खाली नहीं किया गया। आज जब टीम यहां कार्रवाई करने के लिए पहुंची तो परिजनों सहित कांग्रेस के पार्षद ने इसका विरोध किया। इस विरोध के चलते टीम को कार्रवाई करने में काफी दिक्कत आ रही है।
वहीं क्षेत्र में चर्चा भी जमकर हो रही है कि क्या इस तरह से अवैध कार्यों और कार्य करने वालों को संरक्षण देना उचित है? नगर निगम सहित जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी इस बात से हैरान हैं कि निर्वाचित पार्षद भी कहीं ना कहीं सरकार के कार्यों का एक हिस्सा होते हैं और इस तरह से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने के कारण उनकी भी छवि लोगों के बीच में विपरीत बनेगी।
बता दें कि अवैध कबाड़ का संचालन से जिला पुलिस और प्रशासन की बदनामी हो रही है और इसे पूर्ण रूप से बंद करने की कवायदों में शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। इस शासकीय कार्य में किसी न किसी तरह से बाधा पहुंचने से कार्यवाही बाधित हो रही है। हालांकि पार्षद को उपस्थित निगम व प्रशासन के अधिकारियों ने अनसुना नहीं किया, पार्षद के एप्रोच पर 3 घण्टे की मोहलत परिवार को दी गई है।
KORBA:अवैध कबाड़ी के लिए रहनुमा बने पार्षद, दल को कार्रवाई में दिक्कत
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