Thursday, February 12, 2026

Kharsia Mangal Carbon Plant Blast : मौत का आंकड़ा 4, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान गई

Kharsia Mangal Carbon Plant Blast रायगढ़। जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़कर 4 हो गया है। इलाज के दौरान 9 माह की मासूम के बाद 11 फरवरी को तीन अन्य घायलों ने दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के पिता, पुत्र और 9 माह की बच्ची की मौत से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे व कार्रवाई की मांग को लेकर शवों को नेशनल हाईवे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुआवजे और न्याय की मांग

परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उन्हें संतोषजनक न्याय और पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला। कंपनी प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक के लिए 12–12 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन परिवारों की मांग है कि कम से कम 50–50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और पुनर्वास पैकेज देने की मांग भी की गई है।

पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन की ओर से एफआईआर वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।

5 फरवरी को हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार, 5 फरवरी को खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में फर्नेस खोलते ही तेज दबाव के साथ आग बाहर निकल गई, जिससे पास काम कर रहे 8 मजदूर उसकी चपेट में आ गए। आरोप है कि फर्नेस को ठंडा किए बिना ही खोला गया और मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

इस प्लांट में पुराने टायर पिघलाकर काला तेल तैयार किया जाता है, जिसका उपयोग सड़क निर्माण में होता है। हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे और उन्हें रायपुर रेफर किया गया था।

एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इलाज के दौरान सबसे पहले 9 माह की मासूम भूमि खड़िया ने दम तोड़ा। इसके बाद उसके पिता शिव खड़िया (27), साहेब लाल खड़िया (45) और इंदीवर (19) की भी मौत हो गई। भूमि, शिव और साहेब लाल एक ही परिवार के सदस्य थे, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कई घायल अब भी गंभीर

रायपुर स्थित काल्डा बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में कई घायलों का इलाज जारी है, जिनमें

  • उदाशिनी खड़िया (25) – 30 से 40% झुलसी

  • कौशल (25) – 70 से 80% झुलसे

  • प्रिया (32) – 70 से 80% झुलसी
    बताया जा रहा है कि घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

एफआईआर दर्ज, दबाव के आरोप

घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पीड़ित परिवारों ने उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा देने की मांग की है।

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