Monday, February 16, 2026

तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने की जांच:पहले दिन पांच घंटे तक हटवाते रहे मलबा, ईई रहे गायब, जांच के बाद तय होगी जवाबदेही

बिलासपुर में नाले की खुदाई के चलते तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले की जांच के बाद जिम्मेदार अफसर और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने का दावा किया जा रहा है। सोमवार को पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पहले दिन अफसर मौके पर पहुंचकर पांच घंटे तक मलबा हटवाने में ही व्यस्त रहे। इसके चलते अभी तक तकनीकी जांच शुरू नहीं हो पाई है। इस दौरान बिल्डिंग गिरने के लिए जिम्मेदार ईई प्रवीण शुक्ला मौके से पूरे समय गायब रहे।

मंगला चौक में स्मार्ट सिटी के तहत नाला बनाया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के एमडी कुणाल दुदावत ने फंड से होने वाले इस निर्माण की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी जोन के ईई प्रवीण शुक्ला को दी थी। इसके बावजूद उन्होंने लापरवाही बरती और ठेकेदार कोमल सिंह ठाकुर के इस काम को नजरअंदाज कर मनमानी करने की छूट दे दी। नतीजा यह हुआ कि शनिवार की सुबह नाले के लिए की गई खुदाई की वजह से तीन मंजिला बिल्डिंग पूरी तरह से धराशाई हो गई। दुकान संचालक ने भी इसके लिए निगम के ईई और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है।

कमिश्नर ने बनाई है पांच सदस्यीय जांच कमेटी
इस हादसे के बाद निगम कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के एमडी कुणाल दुदावत ने जांच के लिए अपर आयुक्त राकेश जायसवाल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी को मामले की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट कमिश्नर को देना है। इधर, बिल्डिंग गिरने के बाद निगम के अतिक्रमण दस्ता ने सड़क से मलबा हटा लिया था। लेकिन, दुकान के हिस्से का मलबा नहीं हटा था, जिसे सोमवार को हटाया गया। इस दौरान जांच टीम भी मौके पर पहुंची थी। पहले दिन टीम में शामिल अफसर पांच घंटे तक मलबा ही हटवाते रहे गए।

अपर आयुक्त के निर्देशों को ईई ने किया नजरअंदाज
नगर निगम सूत्रों का कहना है कि नाला निर्माण का पूरा काम ईई प्रवीण शुक्ला की देखरेख में चल रहा है। बावजूद, उन्होंने लापरवाही बरती और ठेकेदार के काम पर ध्यान नहीं दिया। जांच अधिकारी और अपर आयुक्त राकेश जायसवाल ने सोमवार को ईई प्रवीण शुक्ला को अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहकर मलबा हटाने में सहयोग करने के लिए कहा था, लेकिन ईई मौके पर पहुंचे ही नहीं। वहीं, अपर आयुक्त वहां डटे रहे।

जांच कमेटी में ये अफसर हैं शामिल
आयुक्त दुदावत ने मामले की जांच के लिए जो कमेटी बनाई है, उसके प्रमुख अपर आयुक्त राकेश जायसवाल हैं। वहीं, उनके सहयोग के लिए ईई नीलोत्पल तिवारी, ईई राजकुमार मिश्रा, सब इंजीनियर सुरेश शर्मा और पीडब्ल्यूडी के ईई शामिल हैं। टीम को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट कमिश्नर को देना है। पहले दिन टीम का पूरा समय मलबा हटवाने में लग गया। ऐसे में अब रिपोर्ट देने के लिए दो दिन ही शेष है।

जिला प्रशासन उदासीन, हादसे के बाद भी नहीं ली सुध
शहर में चल रहे बेतरतीब निर्माण कार्यों के बीच बड़ा हादसा हो गया। हालांकि, इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। फिर भी इस गंभीर घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। घटना के बाद नाराज व्यापारियों ने जमकर हंगामा मचाया। बावजूद, इसके जिला प्रशासन के अफसर शांत बैठकर तमाशा देखते रहे। न तो कलेक्टर सौरभ कुमार ने इस घटना की सुध ली और न ही जिम्मेदारों से रिपोर्ट मांगी।

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