आतंकवाद को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को एक बार चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था। यह ऑपरेशन पाकिस्तान के उकसावे का शक्तिशाली लेकिन संयमित जवाब था। भारतीय सेना पाकिस्तान को और भी ज्यादा नुकसान पहुंचाने की स्थिति में थी लेकिन सरकार दुनिया के सामने अनुशासन और रणनीतिक समन्वय का प्रदर्शन करना चाहती थी।
राजधानी में एक कार्यक्रम में बात करते हुए रक्षा मंत्री सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्म निर्भरता के लक्ष्यों पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय सैन्य बलों को मजबूत करने के लिए मेक इन इंडिया की पहल की भी प्रशंसा की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे हमने सटीकता के साथ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और पाकिस्तान ने जब हिमाकत की तो हमने पाकिस्तानी एयरबेसों को भी नष्ट कर दिया। करने को तो हम कुछ भी कर सकते थे लेकिन हमने दुनिया के सामने एक शक्ति और समन्वय का उदाहरण पेश किया है।
सिंह ने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुआ आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य प्रतिक्रिया एक मापा हुआ लेकिन निर्णायक हमला था। 7 मई को शुरू हुए इस ऑपरेशन से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके परिणामस्वरूप 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इससे बौखलाए पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई में सीमा पार से गोलाबारी और ड्रोन घुसपैठ के बाद, भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेसों में मौजूद अहम सैन्य ढांचे को ध्वस्त करके जवाबी हमला किया।
10 मई तक पाकिस्तान को समझ में आ गया कि भारत को और ज्यादा उकसाना ठीक नहीं होगा। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से भारत फोन आया और सीजफायर पर सहमति बनी।
राजनाथ सिंह ने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ डील करने का भारत का तरीका अब बदल गया है। उन्होंने कहा, “हमने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को नए सिरे से परिभाषित किया है। अब से जब भी पाकिस्तान के साथ बातचीत होगी, वह केवल आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुद्दे पर होगी। इसके अलावा पाकिस्तान के साथ किसी भी अन्य मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी।


