अटल स्मृति भवन: भाजपा संगठन के लिए नया केंद्र
मुख्यमंत्री साय दोपहर करीब 1:30 बजे कोरबा पहुंचे। उन्होंने पुलिस लाइन के समीप प्रस्तावित नवीन भाजपा कार्यालय भवन की आधारशिला रखी। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह नया कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए शक्ति केंद्र बनेगा और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने में मदद करेगा।
सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस, पुलिस से तीखी झड़प
एक ओर जहाँ भाजपा कार्यकर्ता जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी ओर युवा कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हाल ही में हुई किसानों की मौतों और प्रशासन की कथित अनदेखी को लेकर कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शन कर रहे दर्जनों नेताओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
आधिकारिक बयान
“लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे और शहर की शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। शहर में स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है।” — मयंक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), कोरबा
संसद में भी गूँजी सेना और राजनीति की रार
कोरबा की इस घटना के बीच, नई दिल्ली स्थित संसद भवन में भी आज जमकर हंगामा हुआ। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब का मुद्दा छाया रहा। नेता विपक्ष राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने जहाँ सेना की स्वायत्तता का मुद्दा उठाया, वहीं राजनाथ सिंह ने इसे सेना के अपमान की राजनीति करार दिया।
आम नागरिकों पर असर और सुरक्षा व्यवस्था
वीआईपी मूवमेंट और विरोध प्रदर्शन के चलते कोरबा के प्रमुख मार्गों, विशेषकर सीएसईबी चौक और कोसाबाड़ी मार्ग पर यातायात करीब दो घंटे तक प्रभावित रहा। पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और जिला अस्पताल के पास सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।


