आपराधिक मामलों में छत्तीसगढ़ की रैंकिंग घटने की जगह बढ़ती जा रही है। 2021 में जहां प्रदेश 8वें स्थान पर था वहीं 2022 में छठवें स्थान पर आ गया है। इस बात का खुलासा एनसीआरबी की रिपोर्ट और छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में डिप्टी सीएम विजय शर्मा के जवाब से हुआ है।
ये आंकड़े हत्या, दुष्कर्म, लूट, ठगी और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को लेकर है। विधानसभा सत्र के चौथे दिन विधायक अजय चंद्राकर के सवाल के जवाब पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि, 2019 से 2023 तक कांग्रेस शासनकाल में हर साल क्राइम का ग्राफ बढ़ा है।
शर्मा ने कहा कि, प्रदेश में 2019 से 2023 तक यानी कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में ठगी की 8702, हत्या की 4786, महिलाओं से संबंधित 15,511 अपराधिक घटनाएं हुई है। वहीं 646 पशु तस्करी, शराब और गांजा तस्करी के 5605 केस दर्ज हुए हैं। 2019 से लेकर 2023 तक प्रदेश में हर साल क्राइम का ग्राफ बढ़ा है। बढ़ते अपराध के औसत को कम करने के लिए विजिबल पुलिसिंग पैटर्न पर काम किया जा रहा है।

हत्या के सैकड़ों मामले पेंडिंग
1 अप्रैल 2021 से 31 दिसंबर 2023 तक प्रदेश में हत्या के 2733 मामले हुए हैं। इनमें से 2419 मामलों में गिरफ्तारी कर ली गई है। इसके अलावा 314 मामले अभी भी पेडिंग चल रहे हैं। इन प्रकरणों में जांच विवेचना अधिकारियों की ओर से की जा रही है। मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि आरोपियों को गिरफ्तार करके लंबित प्रकरणों को जल्द खत्म कर दिया जाएगा।


