किन किसानों को मिलेगा मौका? (3 श्रेणियां)
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह छूट ‘सभी’ के लिए नहीं, बल्कि उन किसानों के लिए है जो सिस्टम की वजह से लाइन में पीछे छूट गए थे। खाद्य विभाग द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, इन तीन श्रेणियों के किसान अगले दो दिन धान बेच सकेंगे:
- लंबित सत्यापन वाले किसान: ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन अधिकारियों द्वारा उनका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) समय पर पूरा नहीं हो पाया।
- वेरिफाइड स्टॉक वाले किसान: वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी के बाद आवेदन किया, जिनका सत्यापन हो चुका है और खेत/घर पर धान का स्टॉक पाया गया है।
- मिसिंग टोकन वाले किसान: सबसे बड़ी राहत उन किसानों को मिली है जिनके पास 28, 29 या 30 जनवरी 2026 का टोकन था, लेकिन भीड़ या परिवहन की दिक्कत के चलते वे उस दिन धान नहीं तुलवा पाए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
“किसानों का एक-एक दाना खरीदना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी तकनीकी खामी की सजा अन्नदाता को नहीं मिलनी चाहिए। सभी जिला कलेक्टर और नोडल अधिकारी 5 और 6 फरवरी को विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करें।”
— मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), छत्तीसगढ़ शासन
जमीनी हालात: मंडियों में लौटी रौनक
इस घोषणा के बाद प्रदेश के ग्रामीण अंचलों, खासकर महासमुंद, धमतरी और बलौदाबाजार के उपार्जन केंद्रों में फिर से हलचल तेज हो गई है। कल तक जो किसान मायूस होकर अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां वापस ले जाने की सोच रहे थे, अब वे दोबारा कतारों में लगने की तैयारी कर रहे हैं। राजनांदगांव के एक किसान रामलाल साहू ने बताया, “मेरा टोकन 29 तारीख का था लेकिन कांटा खराब होने से नंबर नहीं आया। अब 5 तारीख को धान बिक जाएगा, जिससे बेटी की शादी की चिंता दूर होगी।”
अब आगे क्या? (Action Plan)
अगर आप ऊपर दी गई तीन श्रेणियों में आते हैं, तो कल सुबह का इंतजार न करें। अपने संबंधित समिति प्रबंधक या धान खरीदी केंद्र प्रभारी से तुरंत संपर्क करें। पुराने टोकन को रिन्यू करवाने या नए स्लॉट में एडजस्ट करवाने के लिए आज शाम तक ही समिति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। 6 फरवरी की शाम 5 बजे के बाद पोर्टल पूरी तरह लॉक हो जाएगा, जिसके बाद इस सीजन में धान बेचना नामुमकिन होगा।


