CG D.Ed Candidates Protest , रायपुर — न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे डीएड अभ्यर्थियों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया। अपने आमरण अनशन के 81वें दिन, ये छात्र शांतिपूर्ण तरीके से दंडवत प्रणाम करते हुए विधानसभा का घेराव करने निकले। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा घेरा कड़ा करते हुए उन्हें गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और भारी पुलिस बल के बीच घंटों गहमागहमी बनी रही।
प्रशासनिक घेराबंदी और ‘बॉन्ड’ की चेतावनी
अभ्यर्थी जमीन पर लेटकर एक-एक इंच आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस की भारी मौजूदगी ने उनकी रफ्तार थाम दी। मौके पर तैनात एसडीएम ने साफ किया कि आंदोलनकारी एक कानूनी बॉन्ड के तहत अनशन पर बैठे हैं। नियम के मुताबिक, उन्हें अनशन स्थल छोड़कर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है।
पुलिस ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि अभ्यर्थी बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करते हैं, तो उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 81 दिनों की शारीरिक थकान के बावजूद अभ्यर्थी घंटों सड़क पर ही डटे रहे।
“अभ्यर्थी बॉन्ड भरकर अनशन पर बैठे हैं, इसलिए उन्हें धरना स्थल से आगे बढ़कर विधानसभा की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”
— मौके पर उपस्थित एसडीएम, रायपुर
81 दिन लंबा अनशन किसी भी लोकतांत्रिक प्रदर्शन के लिए एक बड़ा आंकड़ा है। छात्रों का दंडवत मार्च यह दर्शाता है कि वे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। प्रशासन द्वारा दी गई ‘दंडात्मक कार्रवाई’ की चेतावनी से माहौल और गरमा सकता है। आगामी 24 घंटों में यदि सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होती, तो यह विरोध प्रदर्शन रायपुर की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।


