छत्तीसगढ़ की श्रीमद् भागवत कथा वाचक और महिला साहू समाज की प्रदेश अध्यक्ष यामिनी साहू को फोन पर धमकी दी जा रही है। कॉल करने वालों ने उन्हें भागवत कथा नहीं करने की चेतावनी दी है। कहा है कि एक गैर ब्राह्मण को व्यास मंच पर बैठकर कथा कहने का अधिकार नहीं है। जाकर मुजरा करो। यामिनी साहू ने मामले की शिकायत SP और गृहमंत्री से की है। इसके बाद उन्हें पुलिस की ओर से सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है।
महासमुंद के बागबहरा की रहने वाली यामिनी साहू पेशे से शिक्षिका हैं। वे पिछले करीब 10 सालों से भागवत कथा कह रही हैं। SP महासमुंद को दी शिकायत में उन्होंने बताया है कि वह 20 से 27 मार्च तक सिरगिड़ी गांव में कथा वाचन कर रही हैं। इसको लेकर कुछ लोग उन्हें 15 मार्च से ही अलग-अलग नंबरों से कॉल कर धमकी दे रहे हैं। आरोप लगाया है कि गैर ब्राह्मण होने के चलते परशुराम सेना की ओर से उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है।
यामिनी ने धमकी भरे कॉल आने की शिकायत के साथ उसकी रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि कॉल करने वाले लोग धमकी दे रहे हैं कि वे एक महिला और शूद्र हैं। उन्हें भागवत कराने का अधिकार नहीं है। यामिनी ने प्रतिरोध किया तो कॉल करने वाले ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की। कहा कि तुम लोग केले के छिलके जैसे हो। अगर फिर भी नहीं माने तो आकर मंच से उतारेंगे। लोग तुम्हारे ऊपर थूकेंगे।
यामिनी ने कहा है कि उनकी बातों से मानसिक पीड़ा हुई है। मेरी जाति का भी अपमान किया है। कॉल करने वाले खुद को वाराणसी और रायपुर में परशुराम सेना से जुड़ा बता रहे हैं। बताया कि इसके बाद से सोशल मीडिया पर भी उनका बहिष्कार शुरू हो गया है। उनके ऊपर अभद्र टिप्पणी की जा रही है। इसके चलते वह काफी डर गई हैं। उन्होंने कहा कि वे ब्राह्मण समाज के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कुछ लोग उनका नाम लेकर धमकी दे रहे हैं।
SP विवेक शुक्ला का कहना है कि यामिनी साहू की ओर से आवेदन मिला है। इस पर जांच की जा रही है। फिलहाल उनकी सुरक्षा के लिए 4 सिपाही दिए गए हैं। वह शांति पूर्वक कथा का वाचन कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर ब्राह्मण समाज का कहना है कि जात-पात का कोई मुद्दा नहीं है। कानून सबके लिए बराबर है। जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।


