ये तस्वीर सीधी में पेशाब कांड के आरोपी प्रवेश शुक्ला के टूटे घर की है। इसमें बुलडोजर से घर टूटने के बाद प्रवेश के परिवार की 6 महिलाएं एक पेड़ के पास में खुले आसमान के नीचे गैस के चूल्हे पर कुछ पका रही हैं। उनके पीछे वो मकान भी है, जिसके किचन में कुछ दिन पहले तक इस परिवार का खाना पकता था। अब किचन का सारा सामान खुले में बिखरा हुआ है। यह घर सीधी से 17 किमी दूर कुबरी गांव में है।
यह तस्वीर के सामने आने के बाद ब्राह्मण समाज के लोग एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि गलती प्रवेश की थी तो सजा उसे मिलना चाहिए। घर तो उसकी दादी और पिता के रुपयों से बना था, इसे नहीं तोड़ना था। भरी बारिश में उन्हें बेघर नहीं करना था।
यही वो गांव है, जहां पेशाब कांड हुआ था। ये गांव पीड़ित आदिवासी के गांव करौंदी से 2 किमी दूर है। की टीम पूरे मामले की पड़ताल करने कुबरी गांव पहुंची। कुबरी गांव शुरू होते ही मुख्य सड़क से दाहिने तरफ ढलान से थोड़ा नीचे उतरते ही सामने पेशाब कांड आरोपी प्रवेश शुक्ला का टूटा हुआ घर दिखाई देता है। ये घर प्रवेश शुक्ला का ही है इस बात की पुष्टि घर के बगल चबूतरे पर बैठी दो बुजुर्ग महिलाएं और एक 4 साल की बच्ची भी कर रही है।
भाजपा कार्यकर्ता रहे आरोपी प्रवेश शुक्ला के घर पहुंच कर हमने उसके परिवार और गांव वालों से बात की। ब्राह्मण सभा के लोग प्रवेश के परिजनों को करीब साढ़े तीन लाख रुपए की मदद दे चुके हैं। प्रवेश के पिता ने कहा कि वीडियो की जांच हो। प्रवेश गुनहगार है तो कड़ी से कड़ी सजा मिले, लेकिन हमने किसी का क्या बिगाड़ा था। ये घर तो मेरी विधवा मां ने मुआवजे के पैसे से बनवाया था। इसमें प्रवेश का एक रुपया भी नहीं लगा था।


