जीपीएम। गौरेला में छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित जोगी की प्रतिमा को रात के अंधेरे में हटाकर कचरे के ढेर में फेंक दिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वर्गीय जोगी के पुत्र और पूर्व विधायक अमित जोगी घटना स्थल पर आमरण अनशन में बैठ गए हैं।

यह जानकारी अमित जोगी ने फेसबुक पर साझा की है। उन्होंने लिखा है कि गोरेला के ज्योतिपुर चौक से छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय Ajit Jogi जी की प्रतिमा को रात के अंधेरे में चोरी-छिपे उखाड़कर कचरे में फेंकने का जो नीच कृत्य हुआ, इससे पूरे क्षेत्रवासी आहत, दुखी और आक्रोशित है । इस घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि राज्य में “दुशासन” निडर होकर अपराध करता है और “सुशासन” सरकारी फ़ाइलों और पेपर ऐड में सिमटा बैठा है । चौक से मूर्ति उखाड़ कर कचरे में फेंक दी जाती है और शासन-प्रशासन को भनक तक नहीं लगी । राज्य में “सुशासन तिहार नहीं बल्कि सुशासन बीमार” चल रहा है।

उन्होंने आगे लिखा है कि क्षेत्र के लोग इस घटना से आहत हो कर सड़क पर उतर आए हैं। जब तक ससम्मान, माननीय अजीत जोगी जी की प्रतिमा को पुनः स्थापित नहीं किया जाता और दोषियों को नहीं पकड़ा जाता तब तक मैं आमरण अनशन करूँगा। “या तो जोगी जी की मूर्ति लगेगी या मेरी अर्थी उठेगी” ये अब सरकार को तय करना है। अमित जोगी ने यह जानकारी Vishnu Deo Sai CMO Chhattisgarh और Vijay Sharma गृहमंत्री से भी साझा की है।


