केंद्रीय ट्रेड संघों ने 28 और 29 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया है। यह बंद मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ बुलाया जा रहा है। बैंकिंग, रोडवेज, बीमा और वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारी भी इस बंद में भाग लेंगे। इस बंद के चलते 28-29 मार्च को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।
भारत बंद के क्या हैं उद्देश्य
12 सूत्री मांग पत्र के लिए मजदूर और किसान कई सालों से संघर्ष करते रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जाने के कारण इस बंद को बुलाया गया है।
1.चार श्रम क़ानूनों और ज़रूरी रक्षा सेवा अधिनियम (EDSA) को रद्द किया जाए
2. संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों वाले 6 सूत्री घोषणापत्र को स्वीकार किया जाये
3. सभी तरह के निजीकरण को खत्म किया जाए।
4. जो परिवार आयकर भुगतान के दायरे के बाहर हैं उन्हें प्रति माह 7,500 रुपये की आय सहायता प्रदान की जाए।
5. मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाएं जाए।
6.सभी अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाए।
7. आंगनवाड़ी, आशा, मिड डे मिल और दूसरी योजना में लगे कार्यकर्ताओं के लिए वैधानिक न्यूनतम पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाए।


