बालोद जिले में एक अग्निवीर लौटा तो वहां के लोगों ने उसका जोरदार स्वागत किया। अग्निवीर ने आते ही अपने माता पिता को सैल्यूट किया और अपनी नेवी का कैप पिता को पहनाई। ये देखकर मां-बाप और परिजन भी भावुक हो गए।
ग्राम सिकोसा निवासी राहुल यादव विशाखापट्टनम भर्ती रैली में शामिल हुए थे। यहीं पर राहुल का चयन नेवी के लिए हुआ था। तब से राहुल की ट्रेनिंग चल रही थी। अब राहुल ट्रेनिंग पूरी कर शनिवार को वापस घर लौट आया। यहां लोगों ने ढोल बजाकर और तिलक लगाकर उसका स्वागत किया।

राहुल के माता-पिता गांव में ही एक छोटा से होटल चलाते हैं। बेटे के अग्निवीर बनने पर उन्होंने खुशी जाहिर की है। राहुल ने बताया कि यह उसके लिए काफी गौरवपूर्ण क्षण तो है। साथ ही वह मां बाप को भी इसके लिए भागीदार मानता है। निरंतर प्रेरणा के परिणाम स्वरूप ही वे आज इस काबिल बन पाया है। राहुल ने कहा कि देश के लिए रक्षा करने के लिए अग्निवीर से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। हम सब युवाओं को इसके लिए और तैयारी करनी चाहिए। भारतीय नौसेना में अग्निवीर योजना के तहत प्रथम बैच में ही राहुल का चयन हुआ है।

खास बात यह है कि राहुल ने अग्निवीर बनने के लिए अंतिम बचे हुऐ 15 दिनों में अपने कोच के मार्गदर्शन में काफी मेहनत करता था। गांव के ही खेल प्रशिक्षक भुपेन्द्र निषाद ने उसे प्रशिक्षण दिया। राहुल स्कूल के दिनों से ही हर दिन दौड़ और योग के जरिए खुद को तैयार कर रहा था।

पूरे जिले की बात करें तो पूरे जिले से 3 युवाओं का अग्निवीर के लिए चयन हुआ है। जिसमें सबसे पहले राहुल यादव ने प्रथम स्थान बनाया है। वहीं दो अन्य युवा अभी प्रशिक्षण अवधि में है। राहुल ने सबसे पहले अग्निवीर का प्रशिक्षण करके एक गौरव स्थापित किया है। ग्राम के सरपंच, उप सरपंच समेत वरिष्ठ नागरिकों ने उनकी सफलता को लेकर काफी खुशी जाहिर की है।


