छ्त्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर के कर्रेगुट्टा के पहाड़ पर 24 दिनों तक चले ऑपरेशन में फोर्स ने 31 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें 17 महिला नक्सली और 14 पुरुष नक्सली शामिल हैं। जवानों ने हथियार बनाने की 4 फैक्ट्रियां और नक्सल अस्पताल को तबाह किया है।
छत्तीसगढ़ DGP अरुण देव गौतम ने बताया कि हथियार बनाने की 4 फैक्ट्रियां भी मिली हैं। नक्सल ठिकाने से गोला-बारूद और स्नाइपर बरामद किए गए हैं। नक्सलियों ने बड़े कैडर के इलाज के लिए किला बनाकर रखा था, अस्पताल बनाकर रखा था, उसे तबाह किया गया।
नक्सलियों को आभास नहीं था कि 450 IED को क्रॉस कर कोई हम तक पहुंच सकेगा, लेकिन हमने कर दिखाया। अजेय किला तक नहीं पहुंच सकने का नक्सलियों को कॉन्फिडेंस था, जिसे जवानों ने तोड़ दिया है।
उन्होंने बताया कि टेक्निकल फील्ड इनपुट कलेक्ट कर एक टीम का गठन किया गया था। इनपुट मिलने के बाद 24 घंटे एनालिसिस किया गया। इसके बाद ऑपरेशन लॉन्च किया गया। पहाड़ी पर चढ़ने, उतरने, रास्ते पर लगाई गई IED को डिफ्यूज किया गया।
पहले जवानों को जानकारी दी गई फिर ऑपरेशन लॉन्च किया गया। हिल्स टॉप पर बेस बनाया गया। साथ ही हेलीपेड भी बनाया गया है। ऑपरेशन कर्रेगुट्टा को लेकर मिली सफलता पर CRPF DG जीपी सिंह और छत्तीसगढ़ पुलिस DG अरुण देव गौतम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कामयाबी और चुनौतियों के बारे में बताया।
इधर, अफसरों के प्रेस वार्ता लेने से पहले ही नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी सदस्य और प्रवक्ता अभय ने एक पर्चा जारी कर अपने 26 कामरेडों के मारे जाने की बात कबूली है। साथ ही पर्चे में लिखा है कि ‘आदरणीय मोदी जी आपकी सरकार शांतिवार्ता के लिए तैयार है या नहीं स्पष्ट करें।’ अभय ने शांतिवार्ता की अपील की है।


