*ज़िन्दगी की प्राथमिकता
————————-
एक दिन, एक प्रसिद्ध फ़िलॉसफ़ी प्रोफ़ेसर अपने छात्रों को जीवन का एक महत्वपूर्ण सबक देने के लिए क्लास में आए। उनके साथ कुछ अजीब चीजें थीं – एक बड़ा सा खाली शीशे का जार, पत्थर, कंकड़ और रेत।
क्लास शुरू होते ही प्रोफ़ेसर ने वह खाली जार उठाया और उसमें बड़े-बड़े पत्थर भरने लगे। जब जार पूरी तरह से पत्थरों से भर गया, तो उन्होंने छात्रों से पूछा, “क्या जार भर गया है?” सभी ने जवाब दिया, “हाँ।”
फिर प्रोफ़ेसर ने एक बॉक्स से छोटे-छोटे कंकड़ निकाले और उन्हें जार में डालने लगे। जार को हल्का हिलाने पर कंकड़, पत्थरों के बीच में अच्छी तरह से बैठ गए। एक बार फिर प्रोफ़ेसर ने पूछा, “अब क्या जार भर गया है?” सभी ने फिर से उत्तर दिया, “हाँ।”
अब प्रोफ़ेसर ने एक सैंड बॉक्स निकाला और उसमें भरी रेत को जार में डालने लगे। रेत ने जार की बची-खुची जगह भी पूरी तरह से भर दी। उन्होंने फिर पूछा, “अब क्या जार भर गया है?” और सभी ने एक स्वर में कहा, “हाँ।”
इसके बाद प्रोफ़ेसर ने समझाना शुरू किया, “यह जार आपकी ज़िन्दगी को दर्शाता है। बड़े-बड़े पत्थर आपकी ज़िन्दगी की सबसे ज़रूरी चीजें हैं – आपका परिवार, आपका साथी, आपकी सेहत, आपके बच्चे – ऐसी चीजें कि यदि सब कुछ भी चला जाए और ये रह जाएं, तो भी आपकी ज़िन्दगी पूर्ण रहेगी
कंकड़ वे चीजें हैं जो आपकी ज़िन्दगी में महत्व रखती हैं – जैसे कि आपका काम, आपका घर, इत्यादि।
अब अगर आप जार को पहले रेत से भर देंगे, तो पत्थरों और कंकड़ों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। यही आपकी ज़िन्दगी के साथ होता है। अगर आप अपना सारा समय और ऊर्जा छोटी-छोटी चीजों में लगा देंगे, तो आपके पास कभी उन चीजों के लिए समय नहीं होगा जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं। उन चीजों पर ध्यान दीजिये जो आपकी ख़ुशी के लिए ज़रूरी हैं – बच्चों के साथ खेलिए, अपने साथी के साथ नाचिए। काम करने, घर साफ़ करने और पार्टी देने के लिए हमेशा समय रहेगा। पर पहले पत्थरों पर ध्यान दीजिए – वे चीजें जो वास्तव में मायने रखती हैं। अपनी प्राथमिकताएं सेट कीजिये। बाकी चीजें बस रेत हैं।
ज़िन्दगी में क्या महत्वपूर्ण है यह पहचानना सीखें और अपनी प्राथमिकताओं को सही तरीके से सेट करें। छोटी-छोटी चीजों में फंसने की बजाय उन चीजों पर ध्यान दें जो आपके जीवन को वास्तव में खुशहाल बनाती हैं।
चिंतन मनन
.


