शनिवार को रायपुर में सकल जैन समाज ने शांति मार्च निकाला। मामला जैन मुनियों पर की गई अभद्र टिप्पणी से जुड़ा है। शांति मार्च के लिए सुबह रायपुर के जैन दादावाड़ी में सभी पदाधिकारी जमा हुए, समाज के तमाम लोग पैदल मार्च करते हुए राजभवन के लिए निकले। टाउन हॉल के पास पुलिस ने जैन समाज के लोगों को रोका। यहां से 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाने के लिए आगे बढ़ा।
राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलकर सकल जैन समाज के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। प्रदेश भर में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ जैन समुदाय सड़कों पर उतर रहा है। दरअसल बालोद में अमित बघेल ने जैन मुनियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसी का गुस्सा अब फूट पड़ा है। जैन समुदाय अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, यही मांग राज्यपाल से भी की गई।
समाज के पदाधिकारी अभय भंसाली ने बताया- बालोद में घटना हुई, हमारे जैन समाज के गुरु संतों के खिलाफ पहली बार देश में किसी ने ऐसी अपमान जनक बातें कहीं। हम अपने गुरुओं को परमात्मा का दर्जा देते है, उनपर शब्दों का हमला हुआ है। कल को कोई घटना न हो, हमें डर है। इसलिए हमने राज्यपाल से मुलाकात की। अनुसुइया उइके ने हम सभी को बताया कि उन्होंने पहले ही DGP से फोन पर बात की और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी से बात की है और जल्द ही इस मसले पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा जैन समाज अहिंसक समाज है आप बेफिक्र रहें कार्रवाई होकर ही रहेगी।
इधर, दर्ज की गई FIR
प्रदेशभर में अमित बघेल के खिलाफ मचे बवाल के बाद आखिरकार बालोद पुलिस को केस दर्ज करना ही पड़ा। अमित बघेल के खिलाफ IPC की धारा 295 ए के तहत केस दर्ज है। भारतीय दंड संहिता की धारा 295 के अनुसार, जो कोई किसी उपासना के स्थान को या किसी वर्ग के धर्म का अपमान करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। जैन समाज ने इसे सिर्फ खानापूर्ति करने वाली कार्रवाई बताई है। चूंकि अमित बघेल ने बली देने की बात की तो पशू क्रूरता, लोगों में हिंसा भड़काने की कोशिश की तो व्यमनस्यता फैलाने के मामलों से जुड़ी धाराओं को भी केस में जोड़ना चाहिए।



