रायपुर। कैवल्यधाम जैन तीर्थ में 15 दिवसीय संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के चौथे दिन बच्चों ने जीवन संस्कार के नए-नए गुण सीखें। प्रातः काल 4 बजे उठकर बच्चों के द्वारा नवाणु यात्रा की जा रही है जिसमें शिवरार्थीयों के द्वारा कैवल्यधाम तीर्थ के अनेकों मंदिरों में विधिवत वंदना की जाती है। नवाणु यात्रा संपन्न करने के पश्चात शिविरार्थियों ने मंदिर में पूजा पाठ संपन्न करके गुरु भगवंतों के प्रवचन सुनने के लिए सभा में उपस्थिति दर्ज की।
प्रवचन सभा में युवा मनीषी संत ऋषभ सागर जी महाराज साहब ने क्रोध प्रबंधन के विषय पर विस्तार से जानकारियां प्रदान की। उन्होंने बताया कि क्रोध एक ऐसा मानव स्वभाव है जिसका जीवन में कैसा कब और कहां स्थान होना चाहिए इसकी भूमिका सुनिश्चित करना हर व्यक्ति को बहुत जरूरी है। क्रोध के विषय को विस्तार से परिभाषित करते हुए संत मुनि ने बच्चों को बिंदुवार अध्ययन कराया।
मोटिवेशनल स्पीकर जयेश पोमल एवं ललित जोबनपुत्र ने टाइम मैनेजमेंट के ऊपर बच्चों को जानकारी प्रदान की। उन्होंने शिविरार्थियों को टाइम मैनेजमेंट के विषय में जीवन में कैसे प्राथमिकता तय करते हुए अपने कार्यों को संपादित करें इस विषय पर विस्तार से उन्होंने मार्गदर्शन दीया।
उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में कई ऐसे कार्य होते है जिसे हम महत्वपूर्ण मानकर करते है लेकिन सही मायने वो महत्वपूर्ण नहीं होते है। इससे केवल हमारा समय व्यर्थ होता है। इसलिए अपने जीवन में हमें प्राथमिकता तय करनी चाहिए कि कौन सा कार्य हमारे जीवन के लिए सही है। इससे हम अपने रोज कार्य को भी मैनेज कर सकते है। जिसका फायदा आपको होगा। मोटिवेशनल सेशन में आए हुए ट्रेनर एवं मोटिवेशनल स्पीकर का आयोजन समिति द्वारा श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया।