राज्यसभा चुनाव की तारीख तय होने के साथ ही छाया वर्मा और रामविचार नेताम की विदाई तय हो गई है। प्रदेश में राज्यसभा की दो सीट के लिए कांग्रेस की ओर से करीब 20 दावेदार सक्रिय हैं। सख्या बल के आधार पर भाजपा अपना राज्यसभा सदस्य बनाने में भले ही सफल नहीं हो पाए, लेकिन सांकेतिक रूप से उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी है।
10 जून को राज्यसभा सदस्य के लिए मतदान होगा। इसके साथ ही प्रदेश के पांच में से चार राज्यसभा सदस्य कांग्रेस के हो जाएंगे। भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय पार्टी की तरफ से अकेले सदन में प्रतिनिधित्व करेंगी।
राज्यसभा की एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए कम से कम 31 वोट की जरूरत है। प्रदेश विधानसभा में भाजपा के सिर्फ 14 विधायक हैं। वहीं, जनका कांग्रेस छत्तीसगढ़ के तीन, बसपा को दो विधायक हैं। ऐसे में सभी विपक्षी विधायकों को जोड़कर भी भाजपा 31 वोटों का जुगाड़ नहीं कर पाएगी। वर्तमान में कांग्रेस 71 विधायकों के साथ बहुमत में है।
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो दो सीट में से एक पर छत्तीसगढ़ के स्थानीय उम्मीदवार को मौका मिलेगा, जबकि एक सीट केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। हालांकि भाजपा लगातार यह दबाव बना रही है कि छत्तीसगढ़ के योग्य व्यक्ति को राज्यसभा में भेजने के लिए कांग्रेस पहल करे। इससे पहले केंद्रीय संगठन के निर्देश पर केटीएस तुलसी को राज्यसभा भेजा गया था। तुलसी की छत्तीसगढ़ में कम उपस्थिति को लेकर भाजपा निशाना साधती रही है।


