भारत में 4 मिलियन टन सालाना एल्यूमिनियम उत्पादन में बालको का 15 फीसदी योगदान
इलेक्ट्रिकल उपकरणों के निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कंपनी के तैयार एल्यूमिनियम का उपयोग,

कोरबा। भारत में करीब 4 मिलियन टन सालाना एल्यूमिनियम उत्पादन में बालको का योगदान 15 फीसदी है। वेदांता समूह का देश में करीब 55 फीसदी एल्यूमिनियम उत्पादन करता है। वेदांता समूह की ओर सेा इन उत्पादों के विकास से पहले देश में इनका आयात किया जाता था। वेदांता समूह ने हाल ही में एडवांस्ड मेटलर्जिकल गुणों वाले हाइ स्पीड बिलेट का विकास किया है। इससे एक्सटू ट्रडर्स की उत्पादकता ब?ाने में मदद मिलेगी। वायर रॉड के मामले में बालको दुनिया का अग्रणी उत्पादक है।
प्राइमरी एल्यूमिनियम उत्पादों के तौर पर बालको उत्पादित इनगॉट्स की बाजार में खूब मांग है। एल्यूमिनियम के विभिन्न उपकरण और सामग्रियों के निर्माता उद्योगों को इनगॉट्स की आपूर्ति की जाती है। बालको में स्थापित अत्याधुनिक मशीनें विश्वस्तरीय गुणवत्ता की रोल्ड प्रोडक्ट तैयार करती हैं जिससे देश की विभिन्न विद्युत परियोजनाओं, ऑटोमोबाइल एवं पैकेजिंग उद्योग लाभान्वित होते हैं। इंसुलेशन, बस बार और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के निर्माण क्षेत्र में बालको के एल्यूमिनियम का बड़े पैमाने पर प्रयोग हो रहा है। बाजार की मांग के अनुरूप वेदांता समूह और बालको ने विश्वस्तरीय अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया है। इसी का परिणाम है कि प्राइमरी फाउंड्री एलॉय और और सिलेंडर हेड एलॉय जैसे उत्पादों का विकास किया गया जिनका प्रयोग ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज में किया जाता है। स्टील इंडस्ट्रीज के लिए देश में पहली बार एएलएसआई उत्पाद का विकास किया गया।
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साल 2025 तक एल्यूमिनियम की डिमांड हो जाएगी दोगुनी
विश्वस्तर पर एल्यूमिनियम की सर्वाधिक खपत भारत और चीन में होती है। कोविड से पूर्व तक खपत दर में बढ़ोत्तरी लगभग 10 फीसदी के आसपास थी। लगभग एक दशक में ही भारत में एल्यूमिनियम की खपत 2.2 मिलियन टन से बढ़कर 4 मिलियन टन तक पहुंच गई है। विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि वर्ष 2025 तक देश में एल्यूमिनियम की मांग आज के मुकाबले दोगुनी हो जाएगी।
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कोरोनाकाल में चुनौतियों के बीच देश के विकास में बालको दे रही योगदान
बालको की औद्योगिक यात्रा इतनी समृद्ध और गौरवमयी है कि उसका हर एक पल देश और छत्तीसगढ़ प्रदेश के औद्योगिक इतिहास की विरासत बन चुका है। कोविड-19 की चुनौतियों के बीच बालको ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए देश के विकास में अपना योगदान सुनिश्चित किया है। हालांकि कोविड के कारण उत्पन्न विश्वव्यापी मंदी का असर बालको पर भी हुआ परंतु बालको अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका कामगारों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हुए चुनौतीपूर्ण दौर में बालको का प्रचालन सतत बनाए रखा।


