झारखंड के देवघर में त्रिकुट पहाड़ पर रोप-वे हादसे में सेना, वायुसेना और NDRF ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार सुबह बाद हेलिकॉप्टर से दोबारा बचाव कार्य शुरू किया गया है। 20 घंटे बाद 12 श्रद्धालुओं का रेस्क्यू किया। अब भी 36 लोग हवा में लटकी ट्रॉली में फंसे हैं। तारों के जाल के कारण NDRF और सेना के कमांडो रेस्क्यू करने में दिक्कत आ रही है।
सुबह 6 घंटे के प्रयास के बाद हेलिकॉप्टर लौट गया था। अब दोबारा प्लान करके रेस्क्यू शुरू किया गया है। कमांडो दो ट्रॉली के गेट खोलने में कामयाब हो गए। ऑपरेशन में एयरफोर्स के तीन हेलिकॉप्टर लगे हैं। स्थिति यह है कि रविवार की शाम करीब 4 बजे हुए हादसे के बाद 18 ट्रॉलियों में 48 श्रद्धालु फंसकर हवा में लटक गए थे। हादसे में 12 लोग घायल हो गए थे।
रातभर लोग रोप-वे की ट्रॉली में बैठे हवा में लटके रहे। एक-दूसरे से बात करके डर को खत्म किया। सुबह होते ही सेना ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। सुबह करीब साढ़े छह बजे वायु सेना का हेलिकॉप्टर पहुंचा। इसमें कमांडो भी मौजूद हैं। हेलिकॉप्टर ने ऑपरेशन शुरू करने से पहले हवाई सर्वे किया। हवा में अटके ट्राॅली में फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारने की योजना तैयार की गई।


