इसरो आज 23 सितंबर को चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम को जगाने के प्रयास करेगा। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कल 22 सितंबर को कहा था कि अभी तक चंद्रयान से कोई सिग्नल नहीं हैं। संपर्क स्थापित करने की हमारी कोशिशें जारी रहेंगी।
14 दिनों की रात के बाद चांद के साउथ पोल पर एक बार फिर सूरज की रोशनी पहुंचने लगी है। ऐसे में इसरो को स्लीप मोड पर डाले गए विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के जागने की उम्मीद है। इसरो ने 4 सितंबर को लैंडर को स्लीप मोड में डाला था। इससे पहले 2 सितंबर को रोवर को स्लीप मोड में डाला गया था। इसरो ने लैंडर-रोवर के रिसीवर ऑन रखे हैं।

रोवर ऐसी दिशा में कि सूर्य का प्रकाश सौर पैनल पर पड़े
इसरो ने लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को स्लीप मोड में डालने से पहले बैटरी को फुल चार्ज रखा था। रोवर को ऐसी दिशा में रखा गया था कि सूर्योदय होने पर सूर्य का प्रकाश सीधे सौर पैनलों पर पड़े। उम्मीद की जा रही है कि ये फिर से काम करना शुरू करेगा।

14 जुलाई 2023 को लॉन्च हुआ था चंद्रयान-3 मिशन
चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर लॉन्च किया गया था। आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से LVM3 रॉकेट के जरिए इसे स्पेस में भेजा था। 23 अगस्त को इसने चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग की थी। भारत ऐसा करने वाला पहला देश है।


