Thursday, February 19, 2026

1 लाख से अधिक महिला उद्यमियों को मिला 30160 करोड़ रुपये का लोन, जानें स्कीम की…

मोदी सरकार (Modi Government) के स्टैंड अप इंडिया योजना (Stand Up India Scheme) के आज 6 वर्ष पूरे हो गए. आज ही के दिन 6 वर्ष पूर्व शुरू हुई स्टैंड अप इंडिया योजना आज महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के बीच उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्तिकरण एवं रोजगार सृजन का उल्लेखनीय उदाहरण बनकर उभरी है. StandUpIndiaScheme की 6वीं वर्षगांठ पर, वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने कहा, इन उभरते उद्यमियों की क्षमता न केवल धन-सृजनकर्ता बल्कि नौकरी-सृजनकर्ता के रूप में अपनी भूमिकाओं के माध्यम से आर्थिक विकास को चलाने में है. आपको बता दें कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला समुदाय के आकांक्षी उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करते हुए जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 5 अप्रैल 2016 को स्टैंड अप इंडिया योजना की शुरुआत की गयी थी.

योजना के मकसद आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार पैदा करना है. 2019-20 में, स्टैंड अप इंडिया योजना को 15वें वित्त आयोग की पूरी अवधि यानी 2020-25 तक के लिए विस्तार दिया गया था. इस अवसर पर, केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि हम स्टैंड-अप इंडिया योजना की छठी वर्षगांठ मना रहे हैं, यह देखना सुखद है कि इस योजना के तहत अब-तक 1.33 लाख से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन करने वालों और उद्यमियों को सुविधा दी गई है.

1 लाख से ज्यादा महिला प्रमोटर्स को मिला फायदा

सीतारमण ने आगे कहा कि इस योजना के छह वर्षों के दौरान 1 लाख से अधिक महिला प्रमोटर को लाभ मिला है. सरकार आर्थिक विकास को गति देने में इन उभरते उद्यमियों की क्षमता को समझती है, जो अपनी भूमिकाओं के माध्यम से न केवल धन का, बल्कि रोजगार के अवसरों का भी सृजन करते हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि योजना के लक्ष्य के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की सुविधाओं से वंचित उद्यमी वर्ग के अधिक से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया जाता है. इस प्रकार हम आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं.

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