Wednesday, February 18, 2026

सीधी पेशाब कांड के पीड़ित दशमत रावत का बयान आया सामने, अब सरकार से कर दी ये मांग

मध्य प्रदेश का सीधी पेशाबकांड की वजह से सुर्खियों में बना हुआ है. अब पेशाबकांड के पीड़ित दशमत रावत का बयान सामने आया है और घटना को लेकर अपना पक्ष रखा है. इसके साथ ही दशमत ने आरोपी प्रवेश शुक्ला को रिहा करने का आग्रह किया है. बता दें कि हाल ही में मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवत दशमत रावत पर पेशाब करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने आरोप प्रवेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया था.

आरोपी को हो गया गलती का अहसास: दशमत रावत

पेशाबकांड के पीड़ित दशमत रावत ने राज्य सरकार से इस कृत्य में शामिल आरोपी प्रवेश शुक्ला को रिहा करने का आग्रह करते हुए कहा है कि उसे अपनी गलती का एहसास हो गया है. आदिवासी समुदाय से आने वाले पीड़ित दशमत रावत पर पेशाब करने के आरोपी प्रवेश शुक्ला को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था. घटना का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया था.

आरोपी प्रवेश शुक्ला पर एक्शन

भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अलावा, आरोपी प्रवेश शुक्ला के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई है. प्रवेश शुक्ला फिलहाल सीधी जेल में बंद है. सीधी में प्रवेश शुक्ला के घर का कथित अवैध हिस्सा भी ध्वस्त कर दिया गया है.

दशमत रावत  ने आरोपी प्रवेश शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘सरकार से मेरी मांग है कि आरोपी द्वारा गलती की गई है. अब प्रवेश शुक्ला को रिहा किया जाना चाहिए. अतीत में जो कुछ भी हुआ, लेकिन उसे अपनी गलती का एहसास हो गया है.’ अपमानजनक कृत्य के बावजूद आरोपी की रिहाई की मांग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर दशमत रावत ने कहा, ‘हां, मैं सहमत हूं… वह हमारे गांव का पंडित है, हम सरकार से उसे रिहा करने की मांग करते हैं.’

दशमत रावत ने सरकार से की ये मांग

पीड़ित दशमत रावत ने यह भी कहा कि गांव में एक सड़क के निर्माण के अलावा वह सरकार से और कुछ नहीं मांगते हैं. बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पीड़ित को भोपाल बुलाया और मुख्यमंत्री आवास पर पैर धोए. इसके साथ ही इस अपमानजनक घटना पर उससे माफी भी मांगी. इसके साथ ही राज्य सरकार ने पीड़ित को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी मंजूर की और उसके घर के निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की.

घटना के बाद पैदा हुआ राजनीतिक विवाद

मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस पेशाबकांड ने एक राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आरोपी एक स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक से जुड़ा था. वहीं, भाजपा उससे किसी भी तरह के संबंध से इनकार कर रही है. इसके साथ ही विपक्षी दलों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा पीड़ित के पैर धोने और माफी मांगने को भी महज नाटक करार दिया है.

.

Recent Stories