भिलाई के रिसाली क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवार के बेटे का NDA में सिलेक्ट होकर जिला और राज्य का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ राज्य से देवेंद्र का अकेला चयन एनडीए के जरिए इंडियन नेवी में हुआ है। अपनी सफलता का श्रेय देवेंद्र राज्य शासन द्वारा संचालित की जा रही निशुल्क कोचिंग को मानते हैं। यहीं से पढ़ाई करके उन्होंने एनडीए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी की और उन्हें सफलता मिली। देवेंद्र महज 17 साल की उम्र में जुलाई 2022 में एनडीए की नेवी ब्रांच को जॉइन करेंगे।
देवेंद्र साहू ने जब विशेष रूप से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और बेहतर मार्गदर्शन से उन्हें यह सफलता मिली है। देवेंद्र ने बताया कि वह दुर्ग जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित एनडीए एग्जाम की निशुल्क कोचिंग में पढ़े हैं। यह कोचिंग विशेष रूप से राष्ट्रीय रक्षा अकादमी भर्ती परीक्षा के लिए ही थी। इसी कोचिंग में निशुल्क शिक्षा लेकर आज उन्हें ये सफलता मिली है।
देवेंद्र ने बताया कि शुरू से ही उनकी इच्छा इंडियन नेवी में जाने की थी। इसके लिए उन्होंने मेहनत करनी शुरू की। कोचिंग का पता किया तो उनकी फीस इतनी अधिक थी कि उसे भर पाना उसके पिता की क्षमता में नहीं था। ऐसे में उन्हें जिला प्रशासन के द्वारा निशुल्क राष्ट्रीय रक्षा अकादमी कोचिंग के बारे में पता चला। देवेंद्र वहां गया और कोचिंग में एडमिशन लिया। वहां के टीचर काफी अनुभवी थे। उसके बेहतर मार्गदर्शन में देवेंद्र ने कड़ी मेहनत की और सफलता पाई।
कोचिंग जाकर पता चला एनडीए क्रैक करने के लिए क्या पढ़ना है
शकुंतला विद्यालय का छात्र देवेंद्र एनडीए के लिए तैयारी तो कर रहा था, लेकिन उसे यह पता नहीं था एनडीए एग्जाम क्रैक करने के लिए क्या पढ़ना है। जिला प्रशासन की कोचिंग में जाकर उसके सभी कन्फ्यूजन हट गए। उसने वहां जाकर जाना कि उसे किस सब्जेक्ट पर कितना फोकस करना है। टीचर्स के मार्गदर्शन पर देवेंद्र ने कड़ी मेहनत की और दुर्ग जिले से एनडीए में सफलता पाने वाला पहला छात्र बना।


