हनीट्रैप मामले में DRDO साइंटिस्ट की सुनवाई आज:पाकिस्तानी एजेंट को खुफिया जानकारी दी, व्हाट्सएप-वीडियो कॉल के जरिए कांटेक्ट में था

पुणे की एक अदालत में हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार DRDO साइंटिस्ट प्रदीप कुरूलकर की सुनवाई आज होगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने साइंटिस्ट की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी।

महाराष्ट्र ATS ने 3 मई को प्रदीप कुरूलकर को पुणे से गिरफ्तार किया था। उस पर पाकिस्तानी एजेंट को खुफिया जानकारी देने का आरोप है।

साइंटिस्ट ने कोर्ट में दवाइयों की मांग की
16 मई को उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान कुरूलकर ने बताया कि उन्हें हाई ब्लड शुगर की समस्या है। उन्होंने कोर्ट से दवाइयां और घर के खाने की मांग की थी। कोर्ट की तरफ से दवाइयां ले जाने की इजाजत दे दी गई थी, लेकिन घर के भोजन की परमिशन नहीं दी थी।

साइंटिस्ट पर आरोप- पाकिस्तानी एजेंट को खुफिया जानकारी दी
ATS के मुताबिक, साइंटिस्ट प्रदीप कुरूलकर व्हाट्सएप, वॉयस मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के एजेंट के कांटेक्ट में था। दावा किया जा रहा है कि यह हनीट्रैप का मामला है। सोशल मीडिया पर महिलाओं की तस्वीरों से पाकिस्तान के एजेंट ने उसे फंसाया। वह पिछले साल सितंबर-अक्टूबर से पाकिस्तानी एजेंट के कांटेक्ट में था।

प्रदीप कुरूलकर की ये तस्वीर 2019 की है। उनकी प्रोफाइल टीम लीडर एंड लीड डिजाइनर की थी।
प्रदीप कुरूलकर की ये तस्वीर 2019 की है। उनकी प्रोफाइल टीम लीडर एंड लीड डिजाइनर की थी।

ATS ने कहा- पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया
ATS ने कहा कि साइंटिस्ट ने अपनी पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया। यह जानते हुए कि अगर दुश्मन देश को हमारे देश की जानकारी हाथ लगी तो यह सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। इसके बावजूद उन्होंने ऐसा किया। कुरूलकर के खिलाफ बुधवार को IPC की धारा 1923 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

साइंटिस्ट ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुरूलकर ने मिसाइलों सहित DRDO के कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनकी प्रोफाइल टीम लीडर एंड लीड डिजाइनर की है। मिसाइल लॉन्चर्स समेत कई उपकरणों के सफल डिजाइन और डेवलपमेंट में उनकी भूमिका है। इसके अलावा कुरूलकर ने MRSAM, निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल, QRSAM, XRSAM जैसे कई सिस्टम का डिजाइन और डेवलपमेंट किया है।

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