प्रयागराज के चकिया में माफिया अतीक अहमद के खंडहर हो चुके दफ्तर में सोमवार को जगह-जगह खून फैला मिला। सीढ़ियों पर खून के ताजे धब्बे हैं। फर्स्ट फ्लोर पर एक महिला की साड़ी और कुछ अंडर गारमेंट्स मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि किसी महिला की यहां हत्या करने के बाद उसकी लाश बाहर ले जाकर फेंकी गई है।
अतीक का यह वही दफ्तर है, जहां पुलिस ने छापा मारकर 74 लाख 72 हजार रुपए और 10 पिस्टलें बरामद की थीं। प्रयागराज प्राधिकरण ऑथोरिटी (PDA) ने 21 सितंबर 2020 को अतीक अहमद के चकिया कर्बला स्थित आलीशान दफ्तर को गिरा दिया था। तब से खाली पड़ा था।
अतीक अहमद के इस दफ्तर का अगला हिस्सा दो बार गिराया जा चुका है। एक बार बसपा सरकार में 2006 में और दूसरी बार भाजपा सरकार में 2020 में। PDA ने 21 सितंबर 2020 को दफ्तर को गिरा दिया था। हालांकि, पीछे का हिस्सा छोड़ दिया गया था। इसी पिछले हिस्से में उमेश पाल की हत्या के बाद कैश और हथियार बरामद हुआ था।
करीब छह घंटे की कार्रवाई के बाद अवैध रूप से निर्मित भाग को पूरी तरह से जमींदोज करा दिया गया था। PDA अफसरों का कहना था कि अवैध रूप से किए गए निर्माण को हटाने के संबंध में अतीक अहमद को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया था, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई थी।


