कवर्धा. जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती तीन दिवसीय रणवीरपुर के प्रवास पर है. जहां शंकराचार्य ने धर्मसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्ववरानंद सरस्वती को शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया.शंकराचार्य ने कहा कि उनके (अविमुक्तेश्वरानंद) गुरु जी का 99 साल की आयु में शरीर छूटा. उसके पहले उन्होंने अपनी गद्दी किसी को नहीं दी. अब प्रश्न ये उठता है कि कोई शंकराचार्य बनकर घूम रहे हों और शंकराचार्य के नाम पर असली भी क्यों ना हों, लेकिन मर्यादा का अतिक्रमण करते हैं तो हमारी दृष्टि में वो शंकराचार्य होते हुए मानने योग्य नहीं हैं. बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की नियुक्ति के बाद से ही निश्चलानंद सरस्वती उन्हें शंकराचार्य मानने से इंकार करते आ रहे हैं.


