नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। भारत ने इसे ‘कायरतापूर्ण और अमानवीय’ कृत्य करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान एक भीषण नरसंहार को ‘सैन्य ऑपरेशन’ का रूप देने की कोशिश कर रहा है।
विदेश मंत्रालय (MEA) का तीखा बयान
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा।
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अस्पताल पर हमला अक्षम्य: भारत ने कहा कि ‘ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल’ जैसे नागरिक केंद्र को निशाना बनाना किसी भी कानून या नैतिकता के दायरे में सही नहीं ठहराया जा सकता।
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रमजान की पवित्रता का उल्लंघन: MEA ने कहा कि पवित्र महीने रमजान के दौरान, जो शांति और दया का समय होता है, इस तरह का हमला पाकिस्तान की क्रूरता को दर्शाता है।
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संप्रभुता पर हमला: भारत ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए सीधा खतरा बताया है।
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विफलता छिपाने की कोशिश: भारत ने तंज कसते हुए कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने और ध्यान भटकाने का एक और हताश प्रयास है।
अस्पताल बना कब्रिस्तान: 400 मौतों से हड़कंप
तालिबान प्रशासन के अनुसार, सोमवार रात हुए इस हमले में मरने वालों की संख्या 400 तक पहुंच गई है, जिनमें ज्यादातर इलाज करा रहे मरीज थे।
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बचाव कार्य जारी: मलबे से अब भी शवों को निकालने का काम चल रहा है।
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पाकिस्तान का दावा: दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने केवल ‘आतंकी ठिकानों’ को निशाना बनाया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने इस पर गहरी चिंता जताई है।
वैश्विक मंच पर जवाबदेही की मांग
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए। भारत ने स्पष्ट किया कि वह इस दुख की घड़ी में अफगानिस्तान के नागरिकों के साथ खड़ा है और देश की अखंडता का समर्थन करता है।



