Major Success For Security Forces : गरियाबंद’ छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़ेगोबरा के पहाड़ी इलाकों (सांपसाटी) में चलाए गए एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में विस्फोटक, नकदी और दैनिक सामग्री बरामद की गई है।
सरेंडर नक्सलियों की निशानदेही पर मिली सफलता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बड़ी कामयाबी हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर मिली है। गरियाबंद जिला पुलिस बल की E-30 यूनिट और DRG धमतरी की संयुक्त टीम ने सांपसाटी के दुर्गम जंगली और पथरीले इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया था।
बरामद सामग्रियों का विवरण
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने जमीन के नीचे दबाकर रखे गए कई डंप खोज निकाले, जिनमें निम्नलिखित सामग्रियां शामिल थीं:
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विस्फोटक सामग्री: IED बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटोनेटर (इलेक्ट्रॉनिक और नॉन-इलेक्ट्रॉनिक), बिजली के तार और अन्य घातक उपकरण।
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नकदी और इलेक्ट्रॉनिक्स: लगभग ₹46 लाख से अधिक की नगद राशि, एक लैपटॉप और मोबाइल फोन।
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हथियार: भरमार बंदूक, कारतूस, BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) सेल और अन्य हथियार निर्माण की सामग्री।
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दैनिक उपयोग की वस्तुएं: बड़ी मात्रा में दवाइयां, नक्सली साहित्य, कपड़े और रसद सामग्री।
नक्सलियों के ‘टेक्निकल वर्कशॉप’ का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि इस इलाके का उपयोग नक्सली अपने टेक्निकल टीम के वर्कशॉप के रूप में कर रहे थे, जहाँ हथियारों की मरम्मत और IED तैयार किए जाते थे। सुरक्षाबलों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री की बरामदगी से नक्सली संगठन के सूचना तंत्र और रसद सप्लाई चेन को तगड़ा झटका लगा है।


