Wednesday, February 18, 2026

Korba में दो छात्राओं की आत्महत्या से शोक की लहर, अलग-अलग स्थानों पर उठाया खौफनाक कदम

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बीते 24 घंटों के भीतर दो स्कूली छात्राओं द्वारा आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं में 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो किशोरियों ने मौत को गले लगा लिया। इन घटनाओं के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में शोक की लहर है।

पहली घटना: घर के भीतर फंदे पर झूल गई अंजलि

पहली दुखद घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदरानगर दुरपा (वार्ड नंबर 5) की है। यहाँ रहने वाली 17 वर्षीय अंजलि केंवट, जो 10वीं कक्षा की छात्रा थी, ने अज्ञात कारणों से अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी।

  • विवरण: घटना के समय घर के अन्य सदस्य अपने कामों में व्यस्त थे। जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो अंजलि को फंदे से लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दूसरी घटना: 9वीं की छात्रा ने पेड़ पर लगाई फांसी

दूसरी घटना में एक 9वीं कक्षा की छात्रा ने गांव के पास एक पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। (नोट: इस घटना का सटीक स्थान जांच के अधीन है)। सुबह जब ग्रामीणों ने शव को पेड़ से लटका देखा, तब मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और संबंधित क्षेत्र की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जांच के बिंदु:

  • क्या छात्राओं पर पढ़ाई का दबाव था?

  • क्या किसी पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव के कारण यह कदम उठाया गया?

  • मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं?

विशेषज्ञों की राय: बढ़ता मानसिक तनाव

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि किशोर अवस्था में बच्चों पर पढ़ाई और भविष्य का काफी दबाव होता है। ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर गौर करना चाहिए और उनसे खुलकर संवाद करना चाहिए।

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