महतारी वंदन के बाद अब अन्नदाताओं की बारी
कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी गई कि समर्थन मूल्य (MSP) और 3100 रुपये के बीच की जो अंतर राशि है, उसे कृषक उन्नति योजना के तहत दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि त्योहार से पहले ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़े। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 25 लाख पंजीकृत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह भुगतान सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाएगा।
विपक्षी दलों द्वारा भुगतान में देरी को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच कैबिनेट का यह निर्णय साय सरकार की बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि होली से कम से कम एक सप्ताह पहले तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए ताकि बैंकों में भीड़ की स्थिति न बने।
“हमने जो वादा किया था, उसे निभा रहे हैं। धान खरीदी का एक-एक पैसा किसानों को मिलेगा। होली का रंग इस बार हमारे अन्नदाताओं के लिए खुशियां लेकर आएगा।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़


