रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश के युवाओं के भविष्य और रोजगार के अवसरों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।
युवाओं के लिए ‘कौशल उन्नयन’ का नया रोडमैप
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण देना काफी नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण ऐसा होना चाहिए जिससे युवाओं को सीधे बाजार और उद्योगों में काम मिल सके।
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अधिक से अधिक प्रशिक्षण: सीएम ने अधिकारियों से कहा कि कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के दायरे को बढ़ाया जाए ताकि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के युवाओं को भी इसका लाभ मिले।
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इंडस्ट्री-रेडी युवा: तकनीकी शिक्षा में ऐसे बदलाव लाने पर जोर दिया गया है जिससे युवा उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकें।
छत्तीसगढ़ में जल्द लगेंगे नए उद्योग
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है और जल्द ही राज्य में नए बड़े उद्योग स्थापित होंगे। इन उद्योगों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
मंत्रालय में ‘समीक्षा’ से समाधान तक
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन समय सीमा के भीतर हो और भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए।
मुख्यमंत्री का संदेश: “हमारी सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हर हाथ को काम देना है। कौशल विकास के जरिए हम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे ताकि वे न केवल नौकरी पाएं, बल्कि खुद भी रोजगार प्रदाता बन सकें।”


